पुखरायां (कानपुर देहात)। कानपुर-झांसी रेलपथ के पुखरायां रेलवे स्टेशन का डीआरएम आशुतोष कुमार ने बुधवार को निरीक्षण किया। इस दौरान साफ सफाई ठीक न मिलने, मैदान किनारे मिट्टी के ढेर और दिव्यांग शौचालय में ताला देखकर स्टेशन अधीक्षक को फटकार लगाई।
वहीं, स्टेशन बोर्ड दुरुस्त नहीं मिलने पर टेक्नीशियन से नाराजगी जताते हुए तत्काल खामियों में सुधार लाने के निर्देश दिए। इस दौरान स्थानीय लोगों ने ट्रेनों के ठहराव और समस्याओं का निस्तारण कराने की मांग की।
झांसी मंडल के डीआरएम आशुतोष कुमार ने बुधवार को कानपुर से झांसी जाते समय मलासा रेलवे स्टेशन के पास रेलवे फाटक पर निरीक्षण किया। इसके बाद डीआरएम पुखरायां स्टेशन पहुंचे। जहां पर रेलवे स्टेशन के कंट्रोल रूम में व्यवस्थाएं देखीं।
जन परिवाद पुस्तिका का निरीक्षण कर स्टेशन अधीक्षक वीके प्रजापति से जानकारी ली। अन्य अभिलेखों का भी निरीक्षण किया। डीआरएम ने शिकायतों का निपटारा एक सप्ताह में कराने को कहा। प्लेटफार्म से रेलपथ पार करने के लिए बने पब्लिक पुल के पिलर के टूटे टाइल्स देखकर उसे ठीक कराने के लिए कहा।
पानी की टंकी में बाहर काई जमा होने और पानी लीकेज होने, स्टेशन मैदान में लगा फव्वारा बंद होने, स्टेशन के नाम का बोर्ड उखड़ा हुआ और दिव्यांग शौचालय में ताला बंद देखकर डीआरएम ने नाराजगी जताते हुए स्टेशन अधीक्षक को फटकार लगाई। कहा कि जब किसी दिव्यांग को शौचालय जाना होगा तो क्या वह चाबी खोजता घूमेगा। दिव्यांगों के लिए बने रैंप का भी निरीक्षण किया।
उन्होंने प्लेटफार्म नंबर एक के कैंटीन संचालन का रजिस्ट्रेशन कार्ड व आग बुझाने की व्यवस्था को भी देखा। वहीं रेलवे बोर्ड सलाहकार समिति के पूर्व सदस्य शेख मोहम्मद ने ट्रेन नंबर 12103/ 12104 लखनऊ-पुणे सुपर फास्ट के ठहराव की मांग करते हुए प्रार्थना पत्र दिया।
बताया कि पहले इस ट्रेन का ठहराव था। कोरोना काल में ट्रेनों का आवागमन बंद हो गया था। इसके बाद जब ट्रेन का संचालन हुआ तो पुखरायां स्टेशन पर ठहराव बंद कर दिया गया। जिससे यात्रियों को दिक्कत होती है।
डीआरएम के निरीक्षण के दौरान सीनियर डीसीएम नवीन दीक्षित, वरिष्ठ मंडल टेलीकॉम सिग्नल अमित गोयल, खंड अभियंता वीके श्रीवास्तव, सीनियर डीपीओ राजेश गुप्ता, अभियंता सिग्नल अनुराग अग्निहोत्री सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।