जिला अस्पताल के डायलिसिस सेंटर में भर्ती मरीज से वार्ता करते डीएम जेपी सिंह। (संवाद)
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कानपुर देहात। किडनी मरीजों को डायलिसिस के लिए अब कानपुर व इटावा नहीं भागना पड़ेगा। जनपद में यह सुविधा अब शुरू हो गई है। जिला अस्पताल में सरकार ने निजी कंपनी के साथ मिलकर डायलिसिस यूनिट की स्थापना की है। गुुरुवार को डीएम और सीडीओ ने यूनिट का लोकार्पण किया। इस दौरान डीएम ने डायलिसिस के लिए भर्ती दो मरीजों का हाल भी लिया।
अभी किडनी खराब होने के बाद मरीज कानपुर व इटावा में डायलिसिस के लिए भागते हैं। मजबूरी का फायदा उठा प्राइवेट अस्पताल मनमाफिक रुपये वसूलते हैं। इस समस्या को देखते हुए जनप्रतिनिधियों ने शासन को पत्राचार कर जिला अस्पताल में डायलिसिस की व्यवस्था करने की मांग की थी। इस पर दिल्ली की डीसीडीसी किडनी केयर कंपनी के साथ सरकार ने करार किया।
कंपनी के कर्मचारियों ने सखी वन स्टॉप सेंटर के बगल में खाली जगह पर अक्तूबर से काम शुरू किया। कुछ दिन पूर्व डायलिसिस वार्ड में छह मशीनों को इंस्टॉल भी कर दिया गया था। कंपनी की तरफ से वार्ड में डायलिसिस यूनिट के लिए मैनेजर, दो सीनियर व दो जूनियर टेक्नीशियन, एक नर्सिंग स्टॉफ व एक चपरासी की भी तैनाती कर दी गई थी।
डीएम जेपी सिंह ने गुरुवार सुबह डायलिसिस यूनिट का सीडीओ सौम्या पांडेय, सीएमओ डॉ. एके सिंह, सीएमएस डॉ. वंदना सिंह सहित अन्य अधिकारियों के साथ फीता काट कर लोकार्पण किया। डीएम ने चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि डायलिसिस यूनिट का संचालन इस प्रकार करें कि मरीजों को किसी तरह की असुविधा न हो। अगर कोई समस्या आए तो उन्हें अवगत कराये।