यहां पर नर्स ने प्रसव में समय होने की बात कह कर कक्ष से बाहर निकाल दिया। इसके बाद अस्पताल के बाहर 10:30 बजे खुले में प्रसव हो गया। वहीं, स्टाफ नर्स रचना ने बताया कि प्रसव कक्ष में एक गर्भवती पहले से मौजूद थी। इसलिए रजौली को वार्ड में लेटने को कहा था।
अस्पताल से बाहर निकालने की बात गलत है। जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं। वहीं, डिप्टी सीएमओ डॉ. मोहन झा ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मां और बच्चा स्वस्थ्य हैं। नर्स से मामले को लेकर जवाब तलब किया गया है।