प्रसव के बाद नवजात लिए परिजन व साथ में आशा व एमटी। संवाद
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झींझक। सीएचसी आते समय एंबुलेंस में गर्भवती की हालत बिगड़ गई। एंबुलेंस कर्मियों ने परजनी गांव के पास सड़क किनारे आशा की मदद से गर्भवती का प्रसव कराया। बाद में जच्चा-बच्चा को सीएचसी में भर्ती कराया गया।
चिता का पुरवा गांव निवासी आरती (26) पत्नी प्रदीप को मंगलवार को प्रसव पीड़ा होने लगी। इस पर कंचौसी पीएचसी की 108 एंबुलेंस के एमटी अमरेश कुमार व पायलट रिजवान संस्थागत प्रसव के लिए आशा रीता के साथ उसे झींझक सीएचसी ला रहे थे।
एंबुलेंस जैसे ही परजनी गांव के पास पहुंची, तभी प्रसव पीड़ा तेज हो गई। महिला की हालत बिगड़ती देख एंबुलेंस कर्मचारियों ने सड़क किनारे गाड़ी रोककर आशा रीता की मदद से सुरक्षित प्रसव कराया।
महिला ने बच्ची को जन्म दिया। झींझक सीएचसी के डॉक्टर शिरोमणि ने बताया कि एंबुलेंस में तैनात एमटी, चालक व आशा की सूझबूझ से जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं। उन्हें अस्पताल में निगरानी में रखा गया है।