डेरापुर। डुडौली गांव निवासी एक युवक की पुणे महाराष्ट्र में 22 मार्च को मौत हो गई थी। साथ गए तीन साथी उसका शव लेकर गुरुवार को गांव पहुंचे। जहां परिजनों ने हत्या का आरोप लगा तीनों की पिटाई कर दी।
इसके साथ ही शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग करते हुए हंगामा किया। सूचना पर पहुंचे एसडीएम व सीओ ने लोगों को शांत कराया। वहीं युवक की पत्नी की तहरीर पर दो साथियों के खिलाफ हत्या व एससीएसटी एक्ट की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
डुडौली गांव निवासी फूल सिंह पुणे महाराष्ट्र में रहकर मजदूरों से पत्थर घिसाई का काम करवाता है। अक्तूबर में वह पुणे जा रहा था। उस समय उसके साथ गांव के ज्ञानेंद्र सिंह (45), रवि कुमार, शिवम, चंद्र प्रकाश, नन्हे भी गए थे।
फूल सिंह ने बताया कि 22 मार्च की शाम पांच बजे ज्ञानेंद्र सिंह की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इस पर उसे पुणे में ही अस्पताल में ले गए। वहां डॉक्टर ने हार्ट अटैक से मौत होने की बात कही। इसकी जानकारी उसी दिन परिजनों को दी।
पुलिस को सूचना देकर शव का पुणे में ही पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद फूल सिंह, जितेंद्र व रवि गुरुवार को शव एंबुलेंस से लेकर गांव पहुंचे। जहां पर परिजनों ने उनकी पिटाई कर दी। इसके बाद परिजनों ने ज्ञानेंद्र के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग कर हंगामा शुरू कर दिया।
पिटाई में रवि व जितेंद्र को गंभीर चोटें आईं। उन्हें अकबरपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। फूल सिंह को मामूली चोटें हैं। सूचना पर एसडीएम ज्ञानेश्वर प्रसाद, सीओ शिव ठाकुर, प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार जायसवाल पुलिस बल लेकर गांव पहुंचे।
हंगामा कर रहे लोगों को समझाकर शांत कराया। वहीं, ज्ञानेंद्र की पत्नी कुमोदनी, बेटा शैलेंद्र, गजेंद्र, बेटी शालिनी ने पुरानी रंजिश में पुणे ले जाकर हत्या करने का आरोप लगा रिपोर्ट दर्ज कराई।
प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार जायसवाल ने बताया कि मृतक की पत्नी की तहरीर पर फूल सिंह व जितेंद्र के खिलाफ हत्या व एससीएसटी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले में जांच की जाएगी। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।