रसूलाबाद। किसान को आत्महत्या करने के लिए उसकाने के आरोपी सपा नेता पर अब धार्मिक उन्माद फैलाने का केस दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर एक अपील वायरल करने के बाद की गई। इसमें उन्होंने धर्म विशेष को लेकर टिप्पणी की है।
कस्बे के सुभाषनगर निवासी किसान इंद्रपाल भदौरिया ने जहर खाकर जान दे दी थी। उनका शव बाग में खनन स्थल पर मिला था। मौके पर मिले सुसाइड नोट में उन्होंने अवैध मिट्टी खनन से दुखी होकर यह कदम उठाने की बात लिखी थी।
किसान की आत्महत्या के बाद परिजनों ने करीब छह घंटे तक आजाद चौक पर जाम लगा दिया था। इसके बाद पुलिस ने चेयरमैन राजरानी दिवाकर, ईओ दिनेश कुमार, लिपिक अमित कुमार, चेयरमैन प्रतिनिधि हाफिज मुईन खान, सपा नेता अकील अहमद पट्टा व संविदा कर्मी आनंद खरे के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया था।
इस मामले में पुलिस विवेचना कर रही है। इधर सोमवार की देर शाम स्थानीय सोशल मीडिया ग्रुप पर अपील शीर्षक से एक पत्र वायरल हुआ। इसमें सपा नेता अकील अहमद पट्टा ने खुद को निर्दोष बताते हुए समाज के लोगों को कुर्बानी देने को तैयार रहने की बात कही।
हालांकि अमर उजाला वायरल पत्र की पुष्टि नहीं करता है। इस पत्र का संज्ञान लेकर दरोगा सत्यप्रकाश वर्मा ने धार्मिक उन्माद फैलाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार शुक्ला ने बताया कि दरोगा सत्यप्रकाश वर्मा की तहरीर पर सपा नेता अकील अहमद के खिलाफ धर्म विशेष के प्रति नफरत फैलाने, लोक शांति के खिलाफ अपराध व आईटीएक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच की जा रही है।