रसूलाबाद। नगर पंचायत की सड़क किनारे बेशकीमती भूमि से अवैध कब्जा हटाने गई पुलिस व राजस्व टीम से मारपीट की गई। इससे तीन सिपाहियों को मामूली चोटें आईं। महिलाओं ने डंडा लेकर टीम के सदस्यों को दौड़ा लिया।
माहौल देखकर टीम को बैकफुट पर आना पड़ा। हालांकि कुछ समय बाद भारी पुलिस बल बुलाकर टीम दोबारा मौके पर पहुंची और बुलडोजर से अवैध कब्जा हटवा दिया।
कस्बे के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के सामने नगर पंचायत की कीमती भूमि से अवैध कब्जा हटाने के लिए एसडीएम ने नगर पंचायत, राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम बनाई थी।
टीम का नेतृत्व कर रहे नायब तहसीलदार मनोज रावत पुलिस बल के साथ गुरुवार को मौके पर पहुंचे तो लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। अवैध कब्जेदार महिलाओं व अन्य लोगों ने टीम के साथ मारपीट की।
लाठी डंडे लेकर हमला बोल दिया। इससे तीन पुलिस कर्मी मामूली जख्मी हो गए, वहीं टीम को पीछे हटना पड़ा। टीम में सिर्फ दो महिला सिपाही गई थीं। वहां महिलाओं की संख्या अधिक देख रसूलाबाद थाने से 15 और महिला सिपाही बुलाई गई।
इसके बाद टीम ने अवैध कब्जा हटाना शुरू किया। विरोध करने आईं चार महिलाओं को टीम ने हिरासत में लिया। नगर पंचायत प्रशासन के बुलडोजर से निर्माण व झोपड़ी हटवा दी गईं।
ईओ दिनेश शुक्ला ने बताया कि नगर पंचायत की गाटा संख्या 1355 व 1355 ख के ऊसर बंजर रकवा में नेहरू नगर के जयराम खटिक ने पक्का मकान बनाने के साथ झोपड़ी भी रख ली थी।
कई बार चेतावनी के बाद भी उसने कब्जा नहीं हटाया। उसके घर की महिलाएं आत्मदाह करने की धमकी देने व विवाद पर उतारू हो जाती थीं। 24 मार्च को एसडीएम जितेंद्र कटियार ने नायब तहसीलदार मनोज रावत, प्रभारी निरीक्षक, ईओ दिनेश शुक्ला के नेतृत्व में कब्जा हटवाने के लिए टीम बनाई थी।
मारपीट में दो महिला व एक पुरुष सिपाही को मामूली चोटें आईं। प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार शुक्ला ने बताया कि अवैध कब्जा हटवा दिया गया है। जयराम की पत्नी किरण देवी, पुत्रवधू सपना, शालू व काजल को हिरासत में लिया गया है। उन पर शांतिभंग की कार्रवाई की जा रही है।