पुलिस गिरफत में खुद के अपहरण की कहानी रचने वाला छात्र। संवाद
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रूरा (कानपुर देहात)। ऑनलाइन गेम में 30 हजार रुपये हारने पर बीएससी के छात्र ने खुद के अपहरण की फर्जी कहानी गढ़ी थी। इसकी खुलासा पुलिस ने सर्विलांस की मदद से छात्र को खोजकर किया है।
पुलिस के अनुसार छात्र ने कोचिंग की फीस व कॉपी-किताबों के लिए मिले रुपये गेम में उड़ा दिए थे। बाद में रुपयों की जरूरत होने पर उसने परिजनों को झूठी सूचना दी थी।
एसपी स्वप्निल ममगाई ने बताया कि मंगलपुर के जैतीपुर गांव निवासी किसान मुन्नू रैदास का बेटा शिवशंकर एक कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र है। परिजनों ने उसे कोचिंग की फीस व कॉपी-किताबों के लिए 30 हजार रुपये दिए थे।
यह रकम शिवशंकर ने ऑन लाइन गेम में उड़ा दिए। वहीं, जब उसे रुपयों की जरूरत पड़ी तो उसने खुद के ही अपहरण की झूठी कहानी गढ़ ली। शनिवार को शिवशंकर ने परिजनों को फोन कर कहा कि उसे कुछ लोगों ने अगवा कर लिया है।
एक लाख रुपये दे दो, तो जान बच जाएगी। इसके बाद उसने पिता को फोन कर कहा कि 88 हजार रुपयों का इंतजाम हो गया और बस 12 हजार रुपये दे दो। इससे वह सुरक्षित घर पहुंच जाएगा। इस समय वह रूरा इलाके में है। बेटे के अपहरण की सूचना से परेशान मुन्नू ने पूरा वाकया मंगलपुर थाना पुलिस को बताने के साथ ही तहरीर भी दी।
इसके बाद थाना प्रभारी मंगलपुर ने मामला रूरा पुलिस को ट्रांसफर कर दिया। रूरा पुलिस ने शिवशंकर को सर्विलांस की मदद से क्षेत्र से खोज निकाला। पूछताछ में शिवशंकर ने पुलिस के सामने पूरा कहानी बता दी। थाना प्रभारी के मुताबिक शिवशंकर को आईपीसी की धारा 151 के तहत गिरफ्तार किया गया। रविवार को दोपहर बाद उसे एसडीएम की कोर्ट में पेश किया गया।