कानपुर देहात। मंगलपुर के एक गांव निवासी नाबालिग को बहला कर ले जाने व बंधक बनाकर दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने दोषी को दस साल कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता अमित सिंह चौहान व प्रदीप कुमार पांडेय ने बताया कि मंगलपुर क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि छह फरवरी 2012 को वह अपने रिश्तेदार के घर गया था।
घर में उसकी नाबालिग बेटी अकेली थी। उसी समय मंगलपुर के जुरिया गांव निवासी रामसेवक, बंटी उर्फ दलजीत, धरमवीर, रोशनी व कन्नौज के तिजलापुर का मंझले उसकी बेटी को बहला कर साथ ले गए।
इसके बाद बंधक बनाकर बेटी से दुष्कर्म किया। पुलिस ने नाबालिग को खोजकर मामले की विवेचना की तो आरोपी बंटी उर्फ दलजीत के खिलाफ ही साक्ष्य मिले। इस पर विवेचक ने बंटी के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था।
मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम कनिष्क कुमार सिंह की अदालत में चल रही थी। गुरुवार को अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बंटी उर्फ दलजीत को दस साल कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।