नेता कामरेड आरके तिवारी का निधन
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आईआईटी से सेवानिवृत्त कर्मचारी नेता कामरेड आरके तिवारी (83) का शुक्रवार को निधन हो गया। शनिवार को उनकी पांच बेटियों ने पिता के पार्थिव शरीर को कंधा दिया। साथ ही ढपली बजाकर श्रद्धांजलि और अंतिम विदाई दी। बाद में पार्थिव देह जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के एनाटमी विभाग को सौंप दी। वहीं सर्वोदयनगर के निजी अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर ने अपने पिता की पार्थिव देह दान की है। इसे पीलीभीत मेडिकल कॉलेज को साैंपा गया है।
युग दधीचि देहदान अभियान प्रमुख मनोज सेंगर ने बताया कि दिवंगत आरके तिवारी की बेटी पूनम ने पिता के निधन के बाद देहदान का संकल्प पूरा करने के संबंध में आग्रह किया। शुक्रवार रात में ही मेडिकल काॅलेज से बात कर व्यवस्थाएं कराई गईं। दो अगस्त की सुबह नाै बजे पांचों बेटियां प्रियंका, पूनम, भावना, गीतांजलि और वसुधा ने आगे बढ़कर मृत देह को कांधा दिया। अशोकनगर स्थित आवास से मेडिकल कॉलेज तक साथी-सहयोगी साथ रहे। यहां पर प्रताप साहनी, हिमांशु मिश्रा, पूनम तिवारी, राजेश शुक्ला आदि थे।
वहीं खखरेरू फतेहपुर निवासी 68 वर्षीय रामशरण गुप्त का 31 जुलाई को निधन हो गया। वह बेटे डॉ. प्रमोद गुप्ता संग रह रहे थे। डाॅ. प्रमोद ने पिता की पार्थिव देह मनोज सेंगर को सौंप दी। सेंगर ने बताया कि पार्थिव देह एक अगस्त को पीलीभीत मेडिकल काॅलेज को दान की।