महाशिवरात्रि पर प्रयागराज में अमृत स्नान करने जाने वालों का रेला मंगलवार को सेंट्रल स्टेशन पर उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं को ट्रेन के दरवाजे से प्रवेश नहीं मिला तो वे खिड़की से घुसे। श्रद्धालुओं को होल्डिंग एरिया में रोका गया। प्लेटफार्म पर मेमू के आने पर श्रद्धालुओं को प्रयागराज भेजा गया। प्लेटफार्मों व स्टेशन मार्गों पर चार थानों की जिला पुलिस के साथ जीआरपी और आरपीएफ भी मुस्तैद रही।
शिवरात्रि पर आखिरी अमृत स्नान है। इससे प्रयागराज जाने वाली लगभग सभी ट्रेनें फुल गई। कोचों में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। देर रात आठ बजे से फिर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हुई और सभी प्लेटफार्म भर गए। स्टेशन अधीक्षक अवधेश द्विवेदी ने बताया कि महाशिवरात्रि पर संगम स्नान के लिए 24 घंटे में 52 मेला स्पेशल चलाई गईं। नियमित व स्पेशल सहित 103 ट्रेनें प्रयागराज के लिए रवाना की गई हैं। वापसी में श्रद्धालुओं को गंजव्य तक पहुंचाने के लिए दिल्ली-हावड़ा, झांसी, फर्रुखाबाद सहित अन्य रूटों पर मेमू रवाना की गईं।
स्टेशन पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
कंट्रोल रूम से की गई निगरानी
कंट्रोल रूम में बैठकर स्टेशन परिक्षेत्र पर नजर रखी गई। भीड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा कर्मियों को भेजा गया। सादी वर्दी में भी पुलिसकर्मी तैनात रहे। जीआरपी इंस्पेक्टर ओएन सिंह ने बताया कि हर प्लेटफार्म पर 10 से 15 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। यात्रियों को पैदल लाइन पार करने, लटककर सफर करने पर रोका जा रहा है।
स्टेशन पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
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पटरी से बदला प्लेटफार्म
दोपहर में सेंट्रल के प्लेटफार्म नंबर-3 व 5 पर मेला स्पेशल खड़ी हुई। इस पर प्लेटफार्म नंबर-3 पर खड़ी ट्रेन में बैठे यात्री पटरी पारकर पांच तक गए। इस बीच इस ट्रेन के न जाने का एनाउंसमेंट हुआ तो लोग फिर पटरी पाकर प्लेटफार्म नंबर-तीन तक गए। तब तक ट्रेन चल दी तो कुछ लोग चलती ट्रेन में चढ़ने के लिए दौड़ पड़े। सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोका और कुछ देर बाद दूसरी मेला स्पेशल से भेजा।