कानपुर देहात। जिले के पुराने उपकेंद्रों का लोड विभाजन करने और बढ़े उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए 17 नए उपकेंद्र बनाने का प्रस्ताव है। पूर्व में चार उपकेंद्र का प्रस्ताव था, लेकिन अब 13 और नए उपकेंद्र शामिल कर लिए गए हैं। यह उपकेंद्र करीब 56 करोड़ की लागत से तैयार होंगे। नए उपकेंद्र बनने के बाद करीब डेढ़ लाख से अधिक उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति हो सकेगी।
जिले में मौजूदा समय में 47 विद्युत उपकेेंद्र हैं। इधर लगातार उपभोक्ताओं की संख्या बढ़कर तीन लाख के पास चली गई है। पूर्व में रनियां खंड में ज्योतिष, पुखरायां खंड में कसोलर, झींझक खंड में सुनासी व सखरेज में नए उपकेंद्र बनाने का प्रस्ताव किया गया था।
हालांकि नई योजना आने पर अब फिर से इन उपकेंद्रों और 13 और नए स्थानों पर उपकेंद्र बनाने का प्रस्ताव है। रनियां खंड में ज्योतिष के अलावा रनियां व रायपुर औद्योगिक, गलुवापुर, यूपीएसआइडीसी, जरसेन व कुंभी में उपकेंद्र बनेंगे।
झींझक खंड में सुनासी व सखरेज के अलावा जलिहापुर, पोवा व मरहना और पुखरायां खंड में कसोलर के अलावा देवराहट, न्यू यूपीएसआईडीसी, मलासा व दमनपुर में उपकेंद्र बनाने का प्रस्ताव है। यह सभी उपकेंद्र भारत सरकारी की रिवैम्प योजना के तहत बनाए जाने हैं। संवाद
केंद्र सरकार की रिवैम्प योजना से जिले में 17 नए उपकेंद्र बनाने का प्रस्ताव है। केंद्र सरकार की ओर से बजट मिलने पर उपकेंद्रों के लिए काम शुरू करा दिया जाएगा। नए रायपुर व रनियां औद्योगिक उपकेेंद्र के लिए विसायकपुर व गजनेर रोड पर भूमि की तलाश की जा रही है। - एके वर्मा, अधीक्षण अभियंता कानपुर देहात।