औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना की बैठक में अफसरों ने उनके सामने सजावटी आंकड़े पेश करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अफसरों ने दावा किया कि जिले के कोविड अस्पतालों में 200 बेड खाली हैं, जबकि हकीकत यह है कि हैलट, उर्सला, सेवन एयरफोर्स समेत निजी कोविड अस्पताल भी मरीजों को भर्ती करने से मना कर रहे हैं।
हैलट का तो यह हाल है कि यहां ऑक्सीजन और बेड की कमी से बिना भर्ती हुए रोजाना दो-चार मरीज दम तोड़ रहे हैं। सेवन एयरफोर्स हॉस्पिटल अपने ही कर्मचारियों को नहीं ले रहा है। वहां से रोजाना बड़ी संख्या में रिटायर्ड कर्मचारी लौट रहे हैं।
कोविड कमांड सेंटर से कोरोना मरीजों को ऐसे अस्पतालों में भेजा जरूर जा रहा है, जहां रोजाना का खर्च 20 से 50 हजार रुपये तक आ रहा है। इतना खर्च उठा पाना आम आदमी के बस की बात नहीं होती। इसी तरह का एक और सजावटी आंकड़ा पेश किया गया कि जिले में कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या में भारी गिरावट आ गई है।
बताया गया कि सात मई को जिले में 8084 सैंपल लिए गए थे, जिनमें 739 एक्टिव केस आए। रिकवरी रेट अच्छा हो गया है। 1768 लोग डिस्चार्ज हुए थे। पहले टेस्टिंग में 25 फीसदी मरीज पॉजिटिव आते थे। यह औसत घटकर 10 फीसदी हो गया है।
हकीकत यह है कि कोरोना संक्रमित मरीजों की रिपोर्ट 10 दिन बाद तक नहीं आ रही। तमाम मरीज रिपोर्ट के इंतजार में दम तोड़ चुके हैं। अफसरों ने बताया कि एंबुलेंस की व्यवस्था ठीक है। रेमडेसिविर इंजेक्शन की कोई कमी नहीं है। होम आइसोलेशन के मरीजों की देखरेख फोन से की जा रही है।
फोन करके परामर्श लें
जिलाधिकारी ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति बीमार है और उसे डॉक्टर नहीं मिल पा रहे हैं तो कोविड कमांड सेंटर में टेली परामर्श ले सकते हैं। इसके लिए सुबह 10 से शाम पांच बजे तक 0512-7138506 नंबर पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा कोविड कमांड सेंटर के टोलफ्री नंबर 18001805159 पर भी कॉल करके चिकित्सकीय सलाह ली जा सकती है। यहां पर डॉक्टरों की टीम लगातार बैठ रही है।
सैंपलिंग में कोई कमी नहीं की गई है, लेकिन संक्रमित मरीजों की संख्या कम हो रही है। दरअसल, ये प्रदेश सरकार की ओर से लगाए गए कोरोना कर्फ्यू का भी असर है। लोग सड़कों पर पहले की अपेक्षा कम निकल रहे हैं। बाजारों में पहले से कम भीड़ हो रही है। लगातार कर्फ्यू से लोग सामुदायिक संक्रमण की चपेट में नहीं आ रहे हैं। लोगों में भी सतर्कता बढ़ी है। यही वजह है कि संक्रमित मरीजों की संख्या में कमी आई है।- आलोक तिवारी, जिलाधिकारी