कानपुर हैलट में भर्ती पांच और रोगियों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हो गई है। पैथोलॉजी विभाग ने 10 सैंपल की जांच की, जिनमें पांच सैंपल पॉजिटिव निकले हैं। इन रोगियों का हैलट में इलाज चल रहा है। गुरुवार को ब्लैक फंगस के रोगियों के साइनस की सर्जरी की गई।
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एनेस्थेटिस्ट के मशविरे पर एक रोगी की आंख की सर्जरी टाल दी गई। एक रोगी की सर्जरी शुक्रवार को प्रस्तावित है। हैलट में इस वक्त ब्लैक फंगस के 38 रोगी भर्ती हैं। इलाज से फायदा होने के बाद कुछ रोगियों को डिस्चार्ज कर दिया गया, लेकिन कुछ की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
एक रोगी के ब्लैक फंगस का इलाज शुरू हुआ, तभी उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आ गई। इससे उसे न्यूरो साइंसेज में शिफ्ट कर दिया गया। रोगी अब निगेटिव हुआ तो ब्लैक फंगस का संक्रमण उसमें बहुत बढ़ा हुआ मिला।
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उसकी आंख की सर्जरी प्रस्तावित है। डॉक्टरों का कहना है कि आंख से मस्तिष्क में संक्रमण फैल सकता है। गुरुवार को ब्लैक फंगस के डेढ़ सौ इंजेक्शन और आ गए हैं। हैलट की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ज्योति सक्सेना ने बताया कि दवा की कोई कमी नहीं है।