असली नोट को स्कैन कर नकली नोट छापने लगे
इसके बाद उन लोगों ने अलग-अलग जगहों पर किराये पर कमरा लेकर कलर प्रिंटर के जरिए 50, 100 और 500 रुपये के असली नोट को स्कैन कर नकली नोट छापने लगे। किराये पर कमरा हर महीने बदल दिया जाता था, जिससे किसी को शक न हो। आरोपितों से बरामद 2,04650 के नकली नोटों में 100 के 1991, 50 के 71 और 500 के चार नोट बरामद हुए।
सब्जी-फल और शराब ठेकों में खपाते
आरोपी 50 और 100 के नोट ज्यादा छापते थे, जिन्हें वे फल और सब्जी की दुकानों के अलावा शराब ठेकों, रेलवे स्टेशन में खपाते थे। आरोपियों ने कुछ लड़कों को भी रखा था, जिन्हें वे तीन हजार असली रुपयों की जगह 10 हजार नकली रुपये देते थे। पुलिस उनकी भी तलाश कर रही है।
शौचालय में भरकर रख देते थे नकली नोट
पुलिस के मुताबिक कहीं भी स्थाई रूप से नहीं रुकते थे। करीब दो-ढाई माह से वे रेल बाजार स्थित एक सामुदायिक शौचालय को नकली करंसी को डंप करने का स्थान बनाया हुआ था। सोमिल और रोशन अली ने शौचालय संचालक भदौरिया झांसे में ले लिया था। आरोपी सोमिल और रौशन अली ने खुद को बाहरी जिले से आया हुआ छात्र बताया था। बैग में कपड़े होने की बात कह शौचालय में बने एक कमरे में रख देते थे।