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कानपुर: ठंड ने बढ़ाए गैंगरीन के मरीज, पांच की मौत, नसों में जमा खून, गैंगरीन होने पर काटना पड़ेगा अंग

Sun, 02 Jan 2022 01:09 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

सर्दगर्म से लोगों को एक्सपोजर हो रहा है। रोगियों को सांस की नली का भी संक्रमण हो रहा है। गुर्दे, लिवर, ब्लडप्रेशर और डायबिटीज के रोगियों की तबीयत बिगड़ी है। ठंड की वजह से पुराने रोगियों की हालत खराब हो रही है। साथ ही ठंड लगने से भी लोगों की मौत हो रही है।
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कानपुर में ठंड का कहर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में ठंड के मिजाज से रोगियों की जान पर बन आई है। हैलट में गैंगरीन के रोगी बढ़ गए हैं। नसों में सिकुड़न की वजह से रोगियों की उंगलियां काली पड़ रही हैं। साथ ही हार्ट और ब्रेन अटैक के रोगी लगातार आ रहे हैं। बच्चों में विंटर डायरिया और निमोनिया की समस्या हो रही है। शनिवार को पांच और रोगियों की मौत हो गई।
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इसके अलावा कॉर्डियोलॉजी की इमरजेंसी में रोगी सीने में दर्द और सांस फूलने का लक्षण लेकर आए। सर्दगर्म से लोगों को एक्सपोजर हो रहा है। रोगियों को सांस की नली का भी संक्रमण हो रहा है। गुर्दे, लिवर, ब्लडप्रेशर और डायबिटीज के रोगियों की तबीयत बिगड़ी है। ठंड की वजह से पुराने रोगियों की हालत खराब हो रही है। साथ ही ठंड लगने से भी लोगों की मौत हो रही है।

विजयनगर मछली मंडी में रामजीवन (50) की ठंड लगने से मौत हो गई। शनिवार सुबह लोगों ने मंडी में उसे लोगों ने पड़ा हुआ देखा। पास पहुंचे तो पता चला उसकी मौत हो गई है। इसके अलावा चौबेपुर क्षेत्र के नरेश (52) की हृदयाघात से मौत हो गई। शुक्रवार देररात उसकी तबीयत बिगड़ी तो परिजन उसे कॉर्डियोलॉजी लेकर आए। यहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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इसी तरह तिलकनगर के विमलेश (62) की हार्टअटैक से मौत हुई। उनकी लखनऊ के अस्पताल में बाईपास सर्जरी हुई थी। दो हृदय रोगियों की उपचार के दौरान कॉर्डियोलॉजी में मौत हुई है। कॉर्डियोलॉजी की इमरजेंसी में 24 घंटे में 105 रोगियों को लाया गया। इनमें कुछ को इलाज के बाद घर भेज दिया गया।

44 रोगी भर्ती किया गए। 39 रोगियों के हार्ट की सर्जरी की गई। हैलट में ब्रेन अटैक और गैंगरीन के रोगियों की संख्या बढ़ गई है। सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. जीडी यादव ने बताया कि गैंगरीन के कुछ रोगियों की सर्जरी की गई है, जो उपयुक्त होंगे, उन्हें स्टेम सेल थेरेपी दी जाएगी। बताया कि ठंड की वजह से इनके रोगियों की संख्या बढ़ी है।
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