फ्लू का संक्रमण ठंड बढ़ने के साथ ही तेज हो रहा है। इन रोगियों को निमोनिया हो जा रहा है। इसके साथ ही विंटर डायरिया तेज हो गया है। शनिवार को दो रोगियों की निमोनिया से मौत हो गई। इसके अलावा हार्टअटैक के रोगी बढ़ रहे हैं। बहुत से रोगियों को पहली बार एंजाइना की तकलीफ हुई है।
साथ ही ब्लड प्रेशर अनियंत्रित हो रहा है। कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट की इमरजेंसी में शाम तक 80 रोगी आए जिनकी हालत गंभीर थी, उन्हें भर्ती किया गया। हैलट में ब्रेन अटैक के रोगियों को भर्ती किया गया है। हैलट, उर्सला और निजी अस्पतालों में जुकाम-बुखार के रोगियों की संख्या बढ़ गई है।
जिन रोगियों को सांस की दिक्कत रही है, उन्हें फ्लू ओपीडी भेजकर कोरोना जांच के लिए सैंपल लिया गया। चार निमोनिया रोगियों को इमरजेंसी में भर्ती किया गया है। शनिवार को निमोनिया के दो रोगियों की निजी अस्पतालों में मौत हो गई। चौबेपुर के रहने वाले राम कुमार (49) की कल्याणपुर के अस्पताल में मौत हुई।
उनके परिजनों ने बताया कि कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। इसी तरह रावतपुर के विनीत (50) की निमोनिया से मौत हुई। वह दो दिन पहले दिल्ली से लौटे थे। परिजनों का कहना है कि एक्सरे रिपोर्ट में निमोनिया आया। सीनियर चेस्ट फिजीशियन डॉ. एसके कटियार का कहना है कि अगर फ्लू रोगियों में सांस के लक्षण बढ़ें तो जांच करवा लें और ठंड से बचाव करें।