प्रबंधन ने भूतल और प्रथम तल के निर्माण के बाद काम रुकवा दिया था। महेंद्र का आरोप है कि सोसाइटी ने फर्जीवाड़ा कर मदर टेरेसा स्कूल समिति को नवनिर्मित स्कूल बेच दिया।
कानपुर में सेंट मेरी ऑर्थोडॉक्स सीरियन चर्च सोसाइटी पर लगे 10.42 करोड़ रुपये हड़पने के आरोप की जांच अब सीबीसीआईडी करेगी। शिकायतकर्ता के प्रार्थनापत्र पर शासन ने दो दिन पहले इस संबंध में आदेश जारी किए। अब सीबीसीआईडी वादी के बयान दर्ज करेगी।
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इसके बाद आरोपियों को बयानों के लिए नोटिस जारी करेगी। किदवईनगर निवासी निर्माण कार्य कराने वाले ठेकेदार महेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने 26 जून 2020 को चकेरी थाने में धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज का इस्तेमाल करने और साजिश रचने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।
इसमें सेंट मेरी ऑर्थोडॉक्स सीरियन चर्च सोसाइटी और मदर टेरेसा स्कूल सोसाइटी के 13 पदाधिकारियों को नामजद व तीन-चार अज्ञात को आरोपी बनाया गया। महेंद्र का आरोप है कि उन्होंने 2013 में सोसाइटी की तरफ से कोयला नगर ब्रांच के निर्माण के लिए जारी टेंडर लिया था।
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स्कूल के तीन मंजिला भवन (भूतल, प्रथम और द्वितीय तल) का निर्माण होना था। प्रबंधन ने भूतल और प्रथम तल के निर्माण के बाद काम रुकवा दिया था। महेंद्र का आरोप है कि सोसाइटी ने फर्जीवाड़ा कर मदर टेरेसा स्कूल समिति को नवनिर्मित स्कूल बेच दिया।
निर्माण संबंधी उनका तमाम मैटेरियल गायब कर दिया और भुगतान भी नहीं दिया गया। महेंद्र के मुताबिक कुल 10 करोड़ 42 लाख 42 हजार 365 रुपये बकाया हैं। पैसों की मांग करने पर उन्हें धमकाया गया। इसके बाद उन्होंने मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की जांच सीबीसीआईडी से कराने के लिए शासन को प्रार्थनापत्र दिया था।
इन पर दर्ज हुई एफआईआर
चर्च सोसाइटी के अज्जी के चाको, बीजू डेनियल, शजी जॉर्ज, यूहानोन, साजन वर्गीज, शैरिन मैथ्यू वर्गीज, विनोद केपी, जीजी एम चाको, सीके जी वर्गीज, के जॉर्ज, बीजू जन, यशराज साइलस और मदर टेरेसा स्कूल सोसाइटी के पदाधिकारी और तीन-चार अज्ञात।
पुलिस ने सौंपे दस्तावेज
पुलिस 10 महीने से केस की विवेचना कर रही थी। विवेचक ने केस से संबंधित तमाम साक्ष्य जुटाये हैं। जांच सीबीसीआईडी को ट्रांसफर होने पर पुलिस ने अपनी विवेचना बंद कर दी है। एफआईआर की कॉपी से लेकर अब तक की जांच रिपोर्ट, साक्ष्य समेत सभी दस्तावेज पुलिस ने अब सीबीसीआईडी को सौंप दिए हैं।
पुलिस की तफ्तीश में जो तथ्य सामने आए हैं, उनको सीबीसीआईडी अपनी जांच में शामिल करेगी। इसके अलावा नए सिरे से वो अपनी तफ्तीश करेगी, उसमें जो सुबूत मिलेंगे, उनको भी उसमें शामिल कर विवेचना करेगी। विवेचना की शुरुआत वादी के बयान दर्ज करने से होगी। उसके बाद सभी आरोपियों को नोटिस भेजा जाएगा।