महुआ गांव हाईवे किनारे भी मिला डंपर भर कचरा
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रात के अंधेरे का उठाते हैं फायदा
इस स्थान से अपोलो इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी महज 200 मीटर की दूरी पर है, जहां रोजाना सैकड़ों छात्र-छात्राएं आते-जाते हैं। कचरे के कारण राहगीरों और छात्रों को आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है और स्वास्थ्य को लेकर भी लोग चिंतित हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कचरा डालने वाले रात के अंधेरे का फायदा उठाते हैं।
महाराजपुर में क्रोमियम का कचरा
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कचरे के निस्तारण को लेकर चल रही है बातचीत
पहले डंपर चालक सुनसान जगह चिन्हित कर लेते हैं और फिर देर रात चुपचाप मलबा डालकर भाग निकलते हैं।इस मामले पर उपजिलाधिकारी सत्यपाल प्रजापति ने बताया कि क्रोमियम कचरे के निस्तारण को लेकर विभागों के बीच बातचीत चल रही है। शनिवार को इस संबंध में एक अहम बैठक बुलाई गई है। बैठक में लिए गए निर्णय के बाद जल्द ही सभी जगहों से कचरे को हटाकर नियमानुसार निस्तारण कराया जाएगा।