डीसीपी पश्चिम बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि आरोपियों की जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी। हालांकि एफआईआर में कोई भी ऐसी धारा नहीं लगी है जिसमें सात साल तक की सजा हो। लिहाजा थाने से ही जमानत आरोपियों को मिल जाएगी।
बिना अनुमति के जुलूस निकालने के मामले में पुलिस ने वीडियो और फोटो के जरिए 28 लोगों को चिह्नित किया है। जिनके चेहरे स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। इनकी शिनाख्त के प्रयास पुलिस कर रही है। उधर नामजद आरोपियों पर अभी तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
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दरअसल, जुलूस-ए-मोहम्मदी की इजाजत नहीं थी। पुलिस प्रशासन ने निर्देश जारी किए थे कि कोविड प्रोटोकॉल की वजह से जुलूस की पाबंदी है। इसके बावजूद मंगलवार दोपहर को यतीमखाना से लेकर फूलबाग समेत अन्य कई इलाकों में हजारों लोगों ने जुलूस निकाला था।
पुलिस का आदेश निर्देश सब दरकिनार हो गया था। जिसके बाद पुलिस ने देर रात में तीन नामजद समेत पांच सौ अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने अब जुलूस के तमाम वीडियो और फोटो जुटाए हैं। 50 से अधिक सीसीटीवी चिह्नित कर उनके फुटेज जुटाए।
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डीसीपी पश्चिम बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि आरोपियों की जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी। हालांकि एफआईआर में कोई भी ऐसी धारा नहीं लगी है जिसमें सात साल तक की सजा हो। लिहाजा थाने से ही जमानत आरोपियों को मिल जाएगी।
जाजमऊ में जुलूस निकालने पर चार नामजद, 100 अज्ञात पर रिपोर्ट
जाजमऊ में मंगलवार को बिना अनुमति के जुलूस-ए-मोहम्मदी निकालने पर चकेरी पुलिस ने चार नामजद समेत 100 अज्ञात लोगों पर एफआईआर दर्ज की। एफआईआर में कहा गया कि सहमति के बावजूद जाजमऊ में भारी संख्या में लोगों ने पुलिस से धक्का-मुक्की कर जुलूस निकाला। इस मामले में पुलिस ने जाजमऊ के सरैयां निवासी हसीम बाबर, जुबेर कसाई, दरगाह शरीफ निवासी हमजा और जाजमऊ के जिन्नातो मस्जिद के पास के निवासी हाजी अब्दुल हबीब समेत 100 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की है।