अधीनस्थ कर्मियों का स्पष्टीकरण मांगा
पार्षदों ने अधिशासी अभियंता आलोक श्रीवास्तव पर भी विकास कार्यों की अनदेखी करने, फाइलों पर सही जवाब न देने का आरोप लगाया। इस पर अधिशासी अभियंता ने कहा कि कानपुर नगर निगम में आए अभी चार माह ही हुए हैं, जिन पत्रावलियों की बात की जा रही है, वह सभी पुरानी हैं। मैंने सभी पत्रावली मंगा ली हैं, जल्द ही निस्तारण किया जाएगा। पत्रावली गायब होने के संबंध में अधीनस्थ कर्मियों का स्पष्टीकरण मांगा है।
बैठक में ये लोग रहे मौजूद
बैठक में अपर नगर आयुक्त अनूप कुमार, जगदीश यादव, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. चंद्रशेखर, जोन-1 के जोनल अधिकारी विद्या सागर यादव, जलकल के अधिशाषी अभियंता राज कुमार सिंह, उद्यान विभाग के अधिशासी अभियंता दिवाकर भास्कर, जेडएसओ अमित, मार्ग प्रकाश के अधिशाषी अभियंता राजेश कुमार, मार्ग प्रकाश प्रभारी आरके पाल आदि मौजूद रहे।
अब सभी को रहेगी पत्रावली की जानकारी
मुख्य अभियंता सिविल सैय्यद फरीद अख्तर जैदी ने कहा कि पिछले दिनों पार्षदों के धरने के समय जोन-1 गया था। जांच में पाया कि पत्रावलियों का जोन-1 में कोई रिकॉर्ड नहीं है। नगर आयुक्त की आपत्ति की कई पत्रावली एक आलमारी में रखी मिलीं। पत्रावलियों के लिए सभी लिपिकों का अपना लॉगिन है, उस लॉगिन पर सिर्फ उन्हीं को पत्रावली के बारे में जानकारी होती है। अब यहां गूगल फार्मेट बनवा दिया है, सभी को पत्रावली के बारे में जानकारी रहेगी कि उसकी स्थिति क्या है।
फाइलें खोज कर कराएं कार्य
महापौर ने अधिशाषी अभियंता पर नाराजगी जताते हुए कहा कि चार महीने से आप जोन-1 अभियंत्रण कार्यालय में बैठ रहे हैं, आपको वहां आने-जाने वाली पत्रावली देखनी चाहिए थी। किसी भी जोन से किसी अधिशाषी अभियंता की इतनी शिकायतें नहीं मिलीं, जितनी सामूहिक रूप से सभी पार्षद आपकी कर रहे हैं। जोन-1 में अभियंत्रण विभाग की जिम्मेदारी आपकी है, पार्षदों को पत्रावलियों के बारे में आपत्ति से अवगत कराना, उसका निस्तारण कराना चाहिए था, ताकि पार्षद धरने पर न बैठते। महापौर ने पार्षदों की विकास की फाइलें खोज कर कार्य शुरू कराने, सफाई, मार्ग प्रकाश आदि समस्याओं का निराकरण कराने के निर्देश दिए।
फाइल खोने के मामले में जोन-1 के दो बाबुओं को हटाकर कैटल कैचिंग विभाग भेजा है। अधिशासी अभियंता को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा है। मामले की जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, कार्रवाई की जाएगी। -अर्पित उपाध्याय, नगर आयुक्त