विनोद ने बताया कि रात में बेटे की हालत बिगड़ रही थी। इस दौरान मैंने पीआईसीयू में सोते हुए स्टाफ का वीडियो बना लिया। वीडियो बनाने से मौजूद स्टाफ भड़क गया और वीडियो डिलीट करने की धमकी देता रहा। मैं डाक्टरों को बुलाता रहा लेकिन किसी ने नहीं सुना। इस दौरान मेरे बेटे की मौत भी हो गयी। बच्चे की मौत के बाद परिजन काफी देर हंगामा करने के बाद बच्चे का शव लेकर चले गये। परिजनों ने डाक्टरों की लापरवाही को लेकर स्वरूप नगर थाने में प्रार्थना पत्र भी दिया है।
जिसमें आरोप है कि रात 1 बजे पीआईसीयू का सारा स्टाफ सोता रहा और लापरवाही के चलते बेटे सूर्या की मौत हो गयी। बाल विभाग अध्यक्ष डॉ. अरूण आर्या ने बताया कि मृतक सूर्या का इलाज ठीक ढंग से चल रहा था। डाक्टरों द्वारा लापरवाही की बात सही नहीं है। बच्चे का इलाज कर रहे डॉ. यशवंत राय ने बताया कि बच्चे को ब्रेन से संबंधित दिक्कत थी। उसकी हालत पहले से काफी खराब चल रही थी। यह बात परिजनों को बताई भी गयी थी।