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कानपुर : व्यापारी बोला, अपहरण हुआ, पुलिस ने धोखेबाजी का मामला बताया

Thu, 04 Jan 2024 02:24 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी माई सिटी रिपोर्टर, कानपुर

सार

रैपर खरीदने जौनपुर गए व्यापारी के अपहरण के मामले में गोविंदनगर पुलिस की सूचना पर जौनपुर पुलिस ने सकुशल बरामद किया। इसके बाद व्यापारी कोपरिजनों के सुपुर्द किया किया गया। व्यापारी ने घर लौटकर आपबीती बताई।
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पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जौनपुर में अपहर्ताओं के चंगुल से छूटे गुजैनी आई ब्लॉक निवासी कारोबारी सुनील सिंह बुधवार शाम घर पहुंचे। कारोबारी ने बताया कि अपहर्ताओं ने उन्हें जंगल में बंधक बनाकर पीटा। पानी मांगने पर जबरन शराब पिलाई । इसके बाद लूटपाट कर परिजनों और रिश्तेदारों से रुपये मांगने का दबाव बनाया। इस बीच मौके पर पहुंची जौनपुर पुलिस ने छह अपहर्ताओं को गिरफ्तार कर उन्हें मुक्त कराया। यह बात घर लौटे व्यापारी ने बताई। वहीं जौनपुर के लाइन बाजार थाना और गोविंद नगर के थाना पुलिस ने कहा कि मामला अपहरण का नहीं बल्कि धोखेबाड़ी का है।

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राकेश दुबे नाम के शख्स की कॉल आई
सुनील सिंह ने बताया कि उनका दादानगर में पाउच पैकिंग मशीन व पार्ट्स बनाने का कारखाना है। प्रचार प्रसार के लिए उन्होंने फेसबुक पर फर्म का विज्ञापन व रील भी डाली थी। कुछ दिन पहले उनके मोबाइल पर राकेश दुबे नाम के शख्स की कॉल आई। कॉल करने वाले शख्स ने कहा कि उनकी जौनपुर में फैक्टरी है, जो बंद पड़ी है। करीब 13 टन रैपर बेचना चाहते है, जिसकी बाजार में कीमत 250 रुपये किग्रा थी पर उससे सौदा 120 रुपये प्रति किग्रा में सौदा तय हुआ।

उनके बुलाने पर वह सोमवार रात बांद्रा-गाजीपुर एक्सप्रेस ट्रेन से जौनपुर सुबह सात बजे पहुंच गए। वहां राकेश को फोन किया तो पाॅलिटेक्निक चौराहे पर बुलाया गया। जब बताई जगह पर पहुंचे तो एक अर्टिगा कार कुछ दूरी पर आई। उसमें बैठ गए, जिसमें चालक व दो युवक पीछे बैठे थे।
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करीब 10 किलोमीटर जाने पर तीन अन्य युवक भी उसी कार में बैठ गए। वे लोग करीब 15 किमी आगे एक जंगल में ले गए। पेट्रोल पंप पर पेट्रोल डलवाने के बाद उनसे 500 रुपये मांगे, तब उन्हें अपहरण होने का शक हुआ। नकद रुपये न होने की बात कहने पर गूगल-पे से रुपये ट्रांसफर करवाए। इसके बाद जंगल में ले जाकर गला दबाकर पीटा। इसके बाद उन लोगों ने शराब पी। जब उन्होंने पानी मांगा तो उनकी नाक दबाकर जबरन शराब पिलाई।

ऑनलाइन लिए 14 हजार, फिर घरवालों से मंगवाए पांच लाख
पीड़ित ने बताया कि अपहर्ताओं ने पीटने के बाद बैग से चार हजार, पर्स से तीन हजार रुपये लेने के बाद गूगल से सात हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए। इसके बाद दबौली निवासी बहनोई जितेंद्र सिंह को फोन करवा पांच लाख रुपये मांगने को कहा, लेकिन बहनोई ने रुपये न होने की बात बताई। फिर पत्नी से रुपये मंगवाने के लिए फोन करवाया, लेकिन वहां से भी रुपये नहीं मिले तो पिता को फोन करवाकर दो लाख मांगे। इस दौरान वे लोग कई घंटों तक उन्हें कार से घुमाते और पीटते रहे। इस बीच केराकत थाना पुलिस को जब गोविंदनगर पुलिस से अपहरण की जानकारी व लोकेशन मिली। तब पुलिस ने घेराबंदी कर कार रुकवाई और पिस्टल तानकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने पुलिस को अपने नाम राकेश दुबे, उसका भाई पंकज दुबे, लकी विश्वकर्मा, मो. अली, आकाश मौर्य और संदीप बताया।

चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराने का बनाया दबाव
पीड़ित ने बताया कि जब उनके बयान लेने के दौरान केराकत पुलिस को पता चला कि घटनास्थल लाइन बाजार थाना क्षेत्र का है तो उन्हें व गिरफ्तार आरोपियों को लाइन बाजार थाने भेजा दिया। वहां फिर से बयान हुए और देर रात पुलिस ने उन्हें रिश्तेदारों के सिपुर्द किया। कहा कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ अपनी तरफ से मुकदमा दर्ज कर जेल भेजेगी। वहीं, कारोबारी का आरोप है कि पुलिस मामले में चोरी का मुकदमा दर्ज कराने का दबाव बना रही थी। इन्कार करने पर तहरीर नहीं ली गई।

लाइन बाजार थानाध्यक्ष का बयान
लाइन बाजार थानाध्यक्ष संजय वर्मा ने बताया कि कानपुर के व्यापारी सुनील सिंह स्कैप खरीदने के लिए यहां आए थे। उनकी ऑन लाइन आरोपियों से बातचीत कई दिनों से हो रही थी। आरोपियों ने धोखाधड़ी करने के इरादे से व्यापारी को अपनी कार में बिठा लिया था। इसके बाद जंगल में ले जाकर व्यापारी को शराब पिलाई और खुद भी पी। व्यापारियों को आरोपियों के के चंगुल से मुक्त कराने के बाद तहरीर मांगी थी। उनके तहरीर देने से मना करने पर छह आरोपियों को तमंचे बरामद होने पर आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है।

गोविंद नगर थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि व्यापारी सुनील सिंह ने परिजनों की तरफ से मिली तहरीर के आधार पर गुमशुदगी दर्ज की गई थी। परिवार के लोगों का कहना था कि सुनील व्यापार के सिलसिले में जौनपुर गए थे। अब तक नहीं लौटे हैं। प्रारंभिक जांच में मामला अपहरण का नहीं,. धोखेबाजी का प्रतीत हो रहा है। वजह है कि कई दिनों से आरोपियों से स्कैप खरीद को लेकर व्यापारी की ऑन लाइन बात हो रही थी। व्यापारी खुद की जौनपुर गए थे।

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