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Kanpur: बस मालिक ने पहली ट्रिप में गंवाई जान, बेटे बोले- दो घंटे पहले मां से हुई थी बात, ये थी अंतिम इच्छा

Sun, 15 Mar 2026 02:10 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: पनकी बस हादसे में मृत नासिक की भागीरथी का अंतिम संस्कार उनकी इच्छा के अनुसार बनारस में होगा। वहीं, नई बस लेकर निकले मालिक मनोज का शव नासिक ले जाया गया है।
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भागीरथी और मनोज जयवंत - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र में सरायमीता हाईवे पर ट्राला में घुसी 57 तीर्थयात्रियों से भरी स्लीपर बस में महाराष्ट्र के नासिक की भागीरथी और बस मालिक मनोज जाधव (45) की मौत के बाद सूचना पर दूसरे दिख रविवार सुबह परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। बेटों ने कहा कि हादसे से दो घंटे पहले ही मां से फोन पर बात हुई थी। महाराष्ट्र के नासिक थाना ओजर  गणेश नगर निवासी शिवाजी जाधव की पत्नी भागीरथी (60) के दो बेटे सोनेनाथ और ज्ञानेश्वर हैं।

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वहीं, चार बेटियां पुष्पा, सारिका, हीराभाई, ताराबाई हैं। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे बेटों ने बताया कि मां भागीरथी व बहनें पुष्पा, सारिका, ताराबाई, सारिका और उनके पति रामबहु समेत क्षेत्र के काफी लोग नासिक की बस से दस दिन के टूर पर गुरुवार को निकले थे। सभी को नासिक से अयोध्या, बनारस होते हुए नेपाल से नासिक वापस आना था। बताया कि शनिवार को करीब 10 बजे उनके पास बहन सारिका के मोबाइल से सूचना मिली कि कानपुर के पनकी नेशनल हाईवे पर बस का एक्सीडेंट हो गया।

मां और बस मालिक की चली गई जान
जानकारी मिलते ही वह लोग तत्काल ट्रेन से कानपुर के लिए रवाना हो गए। रविवार सुबह करीब सात बजे सेंट्रल स्टेशन पहुंचे। इसके बाद वह हैलट पहुंचे और घायल बहनों से मिले। बेटे ज्ञानेश्वर ने बताया कि आखिरी बार मां का शनिवार सुबह चार बजे फोन आया था। उन्होंने बताया था कि कानपुर देहात हाईवे पर एक ढाबा में वह लोग 10 मिनट के लिए रुके हैं। इसके बाद वह लोग अयोध्या के लिए रवाना हुए थे। सुबह करीब 6.27 बजे हादसा हो गया और मां और बस मालिक की जान चली गई और 55 यात्री घायल हो गए।
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सोमवार को होगा अंतिम संस्कार
बेटे ने बताया कि मां की इच्छा थी कि उनके निधन पर अंतिम संस्कार बनारस घाट पर किया जाए। इस पर पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर बनारस के लिए रवाना हो गए। उन लोगों ने बताया कि घायल तीनों बहनों और बहनोई को भी गाड़ी किराए पर करके अपने साथ नासिक ले गए। वहीं, बस मालिक मनोज जयवंत जाधव (45) के भाई अमोल ने बताया कि फरवरी में मनोज ने 90 लाख रुपये की नई बस खरीदी थी। इस बस से उनका पहला टूर था। बस में मनोज की पत्नी जयश्री भी थीं। पाेस्टमार्टम के बाद वह शव लेकर नासिक जाएंगे, जहां सोमवार को उनका अंतिम संस्कार होगा।
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