कानपुर में उमस भरी गर्मी शहरियों की हालत बिगाड़ रही है। जरा सी लापरवाही करने पर रोगियों हालत बिगड़ रही है। गर्मी लगने से लोगों को डिहाइड्रेशन हो जा रहा है जिससे वायरल संक्रमण से समर डायरिया हो जाता है। शरीर में पोटेशियम, सोडियम की कमी से ब्लड प्रेशर गिर रहा है। हैलट ओपीडी और इमरजेंसी पहुंचे पांच डायरिया रोगियों की पल्स नहीं मिल पा रही थी।
उन्हें तुरंत इमरजेंसी में भर्ती किया गया। दोपहर को इमरजेंसी से दो रोगी मृतावस्था में लाए गए। डॉक्टरों का कहना है कि जो पुराने रोगी हैं, उन्हें डायरिया के बाद जटिलता बढ़ जा रही है। गुर्दा रोगियों पर अधिक बुरा असर आ रहा है। डिहाइड्रेशन एक्यूट किडनी इंजरी हो जा रही है। मेडिसिन ओपीडी में मंगलवार को 396 रोगी आए। इनमें डायरिया, बुखार, सांस की दिक्कत आदि के रोगी रहे हैं। उप प्राचार्य डॉ. रिचा गिरि ने बताया कि हीट एग्जॉर्शन के रोगी भी रहे हैं।
उन्होंने बताया कि हीट एग्जॉर्शन के बाद जिन रोगियों में पानी की कमी दूर नहीं होती है। उन्हें एक्यूट किडनी इंजरी हो जाती है। डायरिया के तीन रोगियों को भर्ती किया गया। डिहाइड्रेशन होने पर दिक्कत हो सकती है। वहीं नवाबगंज के रहने वाले रत्नेश (62) की डायरिया के बाद मौत हो गई। वह डायबिटीज और गुर्दा के रोगी रहे हैं। परिजनों ने बताया कि उन्हें आठ-दस दस्त आए, फिर बेहोशी आ गई और मौत हो गई। इसी तरह मंधना के प्रह्लाद की मौत डायरिया के बाद हो गई। वह 10 साल से अस्थमा के रोगी रहे हैं। परिजन उन्हें एंबुलेंस से लेकर हैलट आए थे।