क्राइम ब्रांच ने प्रीएक्टिवेटेड सिम बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फर्जी आधार कार्ड बनाकर 11 हजार से अधिक सिम एक्टिवेट किए। उसके बाद देश भर के साइबर ठगों के अलावा अन्य तमाम अपराधियों को ये प्री-एक्टिवेटेड सिम बेचे गए।
दिल्ली, राजस्थान से लेकर बिहार, बंगाल और जामताड़ा के साइबर ठग इन्हीं सिमों का इस्तेमाल कर लोगों को जाल में फंसा रहे हैं। पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए क्राइम ब्रांच की एक टीम तफ्तीश कर रही है।
डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल ने बताया कि गोविंद नगर ई-ब्लॉक निवासी सगे भाई हर्षित मिश्रा व अभिषेक मिश्रा को गिरफ्तार किया गया है। हर्षित एमएससी और अभिषेक बीएससी पास है। दोनों वोडा आइडियां (वीआई) टेलीकॉम कंपनी के सिम बेचते हैं। एक एजेंसी इन दोनों के नाम पर है और दूसरी उनके पिता के नाम पर है।
आरोपी एक वेबसाइट के जरिये फर्जी आधार कार्ड बनाते थे। एक शख्स की फोटो लगाकर दूसरे का नाम पता लिखकर सैकड़ों आधार कार्ड बनाए हैं। इन फर्जी आधार पर कंपनी से सिम एक्टिव करवा लेते थे। उसके बाद धड़ल्ले से बेचते थे। पिछले कई वर्षों से ये फर्जीवाड़ा आरोपी कर रहे थे। आरोपियों के पास से 800 फर्जी आधार कार्ड, 547 प्रीएक्टिवेटेड सिम, 7 फिंगर प्रिंट डिवाइस, दस मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, एक प्रिंटर बरामद हुआ।