सतीश यूके की एक फर्म के पूर्व निदेशक है, जो घोटाले में शामिल रही है। उन्होंने कहा कि सतीश कंपनी कोर्ट में हाजिर होकर वहां अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल कर सकते हैं। सीधे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल नहीं की जानी चाहिए। वहीं, सतीश की ओर से अधिवक्ता ने कई विधि व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए सीधे हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करने को वैध बताया। कहा गया कि 73 साल सतीश कानूनी कार्रवाई में भाग लेना चाहते हैं लेकिन उन्हें डर है कि अगर वह कोर्ट में हाजिर हुए तो हिरासत में ले लिया जाएगा। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने पर्याप्त आधार न पाते हुए अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
यह है मामला
अलग-अलग बैंकों से हुए 7800 करोड़ रुपये के घोटाले में सीरियस फ्रॉड इंवेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआईओ) की ओर से 15 मई 2020 को कंपनी कोर्ट में परिवाद दर्ज कराया गया था। इसमें 41 कंपनियां और 28 व्यक्तियों के साथ कुल 69 आरोपी बनाए गए थे। 20 विदेशी आरोपी अभी कोर्ट में हाजिर नहीं हुए हैं। इनमें नौ यूएई में, छह हांगकांग में, चार सिंगापुर में और एक यूके में है। पिछले दिनों कंपनी कोर्ट के न्यायाधीश ने हाजिर आ चुके आरोपियों की फाइल अलग कर मुकदमे की सुनवाई शुरू करने के आदेश दिए थे। एसएफआईओ के विशेष लोक अभियोजक कौशल किशोर शर्मा ने बताया कि विदेशी आरोपियों को समन भेजे जा रहे हैं, लेकिन वह हाजिर नहीं हो रहे।