ग्रुप में अली से ही आयुष का संपर्क हुआ
किडनी डोनर ग्रुप में शिवम और आयुष भी जुड़े हुए थे। तीनों ग्रुप के एडमिन अगर किसी से बातचीत करनी या उनको कोई निर्देश देना होता था तो उसको डायरेक्ट मैसेज (डीएम) लिखकर भेजते थे। फिर उनके बीच संवाद शुरू हो जाता था। ग्रुप में अली से ही आयुष का संपर्क हुआ और अली ने मेरठ वाली टीम से मुलाकात कराई थी। टेलीग्राम के लिवर पार्ट डोनर ग्रुप में भी कई सदस्य हैं।
शिवम अग्रवाल और आहूजा हॉस्पिटल
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कुछ मैसेज और कोड वर्ड भी मिला
उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। कुछ लोगों ने अपने आप को अलग कर लिया है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक कुछ लोग लिवर ट्रांसप्लांट के लिए अन्य लोगों से बातचीत कर रहे हैं। कुछ मैसेज और कोड वर्ड भी मिला है। किडनी वाले ग्रुप में 643 सदस्य, किडनी एजेंट वाले ग्रुप में 514 और लिवर वाले ग्रुप में 710 सदस्य हैं। पुलिस सभी ग्रुपों की जानकारी जुटा रही है।
डॉ. रोहित चार नंबरों से करता था बातचीत
पुलिस अधिकारियों को डॉ. रोहित के चार मोबाइल नंबरों की जानकारी हुई है, जिनकी मदद से वह अलग-अलग लोगों से बातचीत करता था। तीन मोबाइल नंबरों से सिर्फ व्हाट्सएप कॉलिंग करता था, जबकि एक नंबर अपनी गर्लफ्रेंड से बतियाने के लिए रखे हुए था। पुलिस की टीम उसकी गर्लफ्रेंड की तलाश में जुट गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक डॉ. रोहित ने कानपुर, मेरठ और लखनऊ के लिए अलग-अलग नंबर रखे थे।
वायरल चैट और किडनी कांड के मरीज आयुष चौधरी की जांच करते प्राचार्य डॉ. संजय काला और अन्य
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आहूजा हॉस्पिटल में लखनऊ से आए थे तीन डॉक्टर
किडनी ट्रांसप्लांट करने के लिए लखनऊ से तीन डॉक्टर आए थे। इनमें से एक बड़े और नामी अस्पताल से जुड़ा है, जबकि बाकी दो प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं। यह जानकारी मेरठ के डॉ. अफजल के साथी परवेज सैफी ने पुलिस को दी है। उसने बताया है कि 29 मार्च को आहूजा हॉस्पिटल के ऑपरेशन थियेटर में आठ लोग अंदर गए थे, जिसमें से तीन लखनऊ से आए थे।
शिवम ने मुदस्सर अली सिद्दीकी को सर्जन बताया था
अन्य सभी को बाहर ही रहने के लिए कहा गया था। पुलिस डॉक्टरों की जानकारी जुटा रही है। शहर में हुए किडनी ट्रांसप्लांट में हर गिरफ्तारी के बाद नया मामला सामने आ रहा है। जेल गए आहूजा हॉस्पिटल के स्टाफ शिवम अग्रवाल ने मुदस्सर अली सिद्दीकी को सर्जन बताया था। कहा था कि उसने ही ऑपरेशन किया है।
आहूजा दंपती और पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
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परवेज सैफी को रावतपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया
पुलिस ने ओटी टेक्नीशियन कुलदीप सिंह राघव और राजेश कुमार को गिरफ्तार कर पूछताछ की। दोनों ने खुलासा किया कि मुदस्सर अली सिद्दीकी ओटी मैनेजर है। पुलिस ने मंगलवार देर रात परवेज सैफी को रावतपुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की। उसने जानकारी दी कि ऑपरेशन थियेटर में किडनी ट्रांसप्लांट करने के लिए अली, कुलदीप सिंह राघव, राजेश कुमार, डॉ. रोहित, डॉ. अफजल के अलावा तीन अन्य लोग गए थे।
लखनऊ से तीन लोगों के आने की जानकारी दी
उनमें से एक लखनऊ के बड़े अस्पताल से जुड़ा हुआ है, जबकि दो भी वहां के नर्सिंगहोम के स्टाफ हैं। डीसीपी पश्चिम एमएम कासिम आबिदी ने बताया कि सैफी ने लखनऊ से तीन लोगों के आने की जानकारी दी है। अभी पुष्टि नहीं हुई है कि कौन से डॉक्टर थे। उनके बारे में और डिटेल जुटाई जा रही है। परवेज सैफी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
आहूजा अस्पताल से निकली थीं तीन कारें
आहूजा अस्पताल से 29 मार्च की रात को दो नहीं बल्कि तीन कारें निकली थीं। एक कार में अली, कुलदीप सिंह और राजेश कुमार गाजियाबाद गए थे। दूसरी कार मेरठ और तीसरी कार लखनऊ गई थी। लखनऊ के लिए रवाना हुई कार में तीन डॉक्टर सवार थे। पुलिस उस कार और उसके मालिक की जानकारी जुटा रही है। मेरठ के लिए गई कार में डॉ. अफजल, डॉ. रोहित, डॉ. वैभव, डॉ. अमित और परवेज सैफी सवार था।
किडनी ट्रांसप्लांट मामले में रोज नए तथ्य सामने आ रहे हैं। अलग-अलग पहलुओं पर जांच कराने के साथ साक्ष्य जुटाने के लिए कहा गया है। लखनऊ और एनसीआर में टीमें जांच कर रहीं हैं। -रघुबीर लाल, पुलिस कमिश्नर