डॉ. सुबोध का फोन नो रिप्लाई रहा
शासनादेश में डॉ. सुबोध पर यह भी आरोप है कि उन्होंने सीएमओ को प्रस्तुत आख्या के जवाब में यह बताया कि 1,60,47,000 की बिड के सापेक्ष आपूर्ति किया गया सामान अधोमानक पाए जाने पर बिड निरस्त कर दी गई। इसके बाद बिना सीएमओ की अनुमति के फर्म को लाभ पहुंचाने की गरज से सीआरएसी जेम पोर्टल पर जनरेट किया गया। भ्रष्टाचार में लिप्त फर्म को अनियमित भुगतान कराए जाने का प्रयास किया गया। इस संबंध में वर्जन के लिए एसीएमओ डॉ. सुबोध प्रकाश से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो फोन नो रिप्लाई रहा।