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Kanpur: सीएसजेएमयू के निलंबित छात्रों का कारनामा, मोबाइल नंबर दोस्त का, घर का पता गलत डाला, पढ़ें मामला

Sat, 30 Mar 2024 11:30 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

सीएसजेएमयू में छात्रवृत्ति को लेकर किए जा रहे प्रदर्शन पर विवि प्रशासन ने 10 छात्रों पर कार्रवाई की थी। उन पर परीक्षा या सरकारी कामकाज में बाधक बनने के साथ संपत्ति को नुकसान करने का प्रयास का आरोप था।
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सीएसजेएमयू - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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छत्रपति शाहूजी महाराज विवि के निलंबित छात्रों ने विवि के रिकाॅर्ड में अपने घर का पता और मोबाइल नंबर फर्जी अंकित किया है। किसी ने घर का पता गलत दिया है तो किसी ने अभिभावकों के मोबाइल नंबर की जगह स्वयं या दोस्तों को मोबाइल नंबर लिखा है। यह खुलासा विवि की ओर से गठित जांच टीम की रिपोर्ट सामने आने पर हुआ है।

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सीएसजेएमयू में छात्रवृत्ति को लेकर किए जा रहे प्रदर्शन पर विवि प्रशासन ने 10 छात्रों पर कार्रवाई की थी। उन पर परीक्षा या सरकारी कामकाज में बाधक बनने के साथ संपत्ति को नुकसान करने का प्रयास का आरोप था। इस कार्रवाई के अगले दिन विवि के बीबीए विभाग की एक छात्रा का वीडियो वायरल हुआ। छात्रा ने विभाग के दो वरिष्ठ प्रोफेसरों पर अभद्रता, गालीगलौज करने के साथ जाति-सूचक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाया था।

दोनों प्रोफेसरों ने छात्रा व दो अन्य छात्रों पर अभद्रता, धमकी देने की शिकायत कुलपति से की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था। जांच समिति ने सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग के आधार पर छात्रों को चिह्नित किया है। समिति ने छात्रों के हंगामे, निष्कासन की जानकारी देने के लिए जब उनके घर पर संपर्क करने की कोशिश की गई, तब छात्रों का रिकॉर्ड में किया फर्जीवाड़ा सामने आया।
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किसी के दोस्त ने पिता बनकर बात की और विवि आने में असमर्थता जाहिर की तो किसी ने विवि का नाम सुनते ही फोन काट दिया। विवि ने बमुश्किल अन्य छात्रों से जानकारी जुटा अभिभावकों से संपर्क कर उनको छात्रों की पर हुई कार्रवाई की जानकारी दी।

हॉस्टल के छात्रों पर दबाव बना रहे निष्कासित छात्र
जांच में यह बात सामने आई है कि निष्कासित छात्र हॉस्टल के छात्रों पर भी दबाव बना रहे हैं। हॉस्टल के छात्रों को उनके पक्ष में खड़े होने, आंदोलन का हिस्सा बनने के लिए कह रहे हैं।
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अभिभावक को कार्रवाई की जानकारी तक नहीं
विवि की जांच समिति ने जब निष्कासित छात्रों के अभिभावकों का नंबर तलाश कर उनको पूरी घटना के बारे में बताया, तब चौंकाने वाली बात सामने आई। अभिभावकाें को किसी बात की कोई खबर नहीं थी। छात्रों ने उनको भी गुमराह रखा है। विवि अब रिकाॅर्ड में गलत सूचना देने पर भी इन छात्रों पर कार्रवाई करेगा।

फर्जी नंबर डालने वाले छात्रों पर होगी कार्रवाई

विवि के रिकाॅर्ड में फर्जी नाम, पता, मोबाइल नंबर अंकित करना बेहद गंभीर मामला है। विवि ऐसे छात्रों पर सख्त कार्रवाई करेगा। साथ ही अभिभावकों से संपर्क किया जा रहा है, उनको संस्थान बुलाकर छात्र के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी। - प्रो. विनय कुमार पाठक, कुलपति

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