किसी ने अभिलेख नहीं उपलब्ध कराए
ग्राम पंचायतों में वर्ष 2020-21 में कराए गए कार्यों के अभिलेखों की जांच वर्ष 2023 में की गई। इसमें पता चला कि 104 ग्राम पंचायतों में 15.24 करोड़ रुपये खर्च का कोई अभिलेख नहीं है। इसमें से कई प्रधानों का कार्यकाल पूरा हो चुका तो कई सचिव मृत, सेवानिवृत्त या दूसरे जिलों में स्थानांतरित हो गए। ऑडिट टीम ने इसकी रिपोर्ट डीपीआरओ कार्यालय को भेजी। इसके बाद सभी ग्राम पंचायतों के प्रधान और सचिवों को नोटिस जारी कर अभिलेख मांगे गए लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बाद भी किसी ने अभिलेख नहीं उपलब्ध कराए गए।
शिवराजपुर ब्लॉक की सबसे ज्यादा ग्राम पंचायतें
दस्तावेज न देने वाली सबसे ज्यादा शिवराजपुर ब्लॉक की 35 ग्राम पंचायतें, घाटमपुर ब्लॉक की 16 ग्राम पंचायतें, कल्याणपुर और बिधनू की सात-सात, पतारा की पांच, चौबेपुर की 11, ककवन की चार और भीतरगांव की 17 ग्राम पंचायतें हैं।
कराए गए विकास कार्यों के अभिलेख सचिव और प्रधानों ने नहीं दिए हैं। उन्हें अंतिम नोटिस जारी किया गया है। अगर अब भी लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं कराते हैं तो सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए धनराशि की वसूली की जाएगी। -जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी