फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कानपुर हादसा: बिना अनुमति अहमदाबाद जा रही थी बस, क्षमता से अधिक यात्री ठूंसकर भरे गए थे

Thu, 10 Jun 2021 03:51 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

आरटीओ के प्रवर्तन विभाग की अनदेखी की वजह से कोरोना काल में बिना सरकार की अनुमति के यह प्राइवेट बसें चल रही थीं। जबकि गैरराज्यों में रोडवेज और निजी बसों को जाने पर रोक है।
विज्ञापन
कानपुर हादसा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्राइवेट ट्रैवेल एजेंसी की बस ने जिन टेंपो सवार 18 लोगों की जान ले ली, वह बस बिना अनुमति के अहमदाबाद जा रही थी। क्षमता से अधिक यात्री ठूंसकर भरे गए थे। 52 सीटर बस में 115 यात्री बैठकर अहमदाबाद जा रहे थे। आरटीओ के प्रवर्तन विभाग की अनदेखी की वजह से कोरोना काल में बिना सरकार की अनुमति के यह प्राइवेट बसें चल रही थीं। जबकि गैरराज्यों में रोडवेज और निजी बसों को जाने पर रोक है।
विज्ञापन


डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर पीएस सत्यार्थी की जांच
घटना के फौरन बाद बुधवार सुबह परिवहन विभाग मुख्यालय से डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर पीएस सत्यार्थी, विशेष कार्यकारी अधिकारी मुकेश उत्तम घटनास्थल पहुंचे। साथ ही थाने में खड़े वाहनों का भी निरीक्षण  किया। प्रथम दृष्ट्या मामला पूरी तरह से प्रवर्तन दस्ते की लापरवाही का सामने आया है कि जगह-जगह चेकिंग के बाद भी यह बस क्यों और कैसे कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर रही थी। यूपी की बसें गैर राज्य कैसे यात्रियों ला और ले जा रही थीं। अब मुख्यालय की टीम रिपोर्ट परिवहन आयुक्त को सौंपेगी। टीम हैलट भी गई, जहां घायलों के बयान लिए। 

झांसी की बस, उन्नाव से सवारी ढो रही थी
यह बस झांसी आरटीओ में पंजीकृत है। मां पीतांबरा ट्रैवेल एजेंसी की बस उन्नाव से फजलगंज में बने बस स्टॉप से सवारियों को भरकर अहमदाबाद जा रही थी। 

प्रतिबंध के बाद भी बस अहमदाबाद जा रही थी। मुख्यालय की टीम ने भी जांच की है। रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी। झांसी में पंजीकृत बस के पहले भी चालान हुए हैं। कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बस और टेंपो के कागजात सही पाए गए हैं।- राकेश सिंह, आरटीओ, प्रवर्तन

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें