मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना खलीलुर्रहमान सज्जाद नोमानी ने पटकापुर स्थित मदरदा जामे उल उलूम में आयोजित इस्लाही मजलिस में वक्फ संशोधन बिल के विरोध में तीन अक्तूबर को बंदी का एलान किया। उन्होंने कहा कि वक्फ संशोधन बिल हमारे अधिकारों का हनन है।
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वहीं, आई लव मोहम्मद के बारे में कहा कि इसका प्रयोग किसी को चिढ़ाने या भड़काने के लिए न करें। इसे लेकर प्रदर्शन न करें। कुछ ताकतें बेरोजगारी, महंगाई, महिला सुरक्षा के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए हिंदू-मुस्लिमों के बीच में नफरत फैलाने की साजिश रच रही हैं। इनसे सावधान रहने की जरूरत है। कोई ऐसा कदम न उठाएं जिसके नतीजे अच्छे न हों। उन्होंने अपील की कि अपने किरदार से मोहब्बत का पैगाम दें। इसके बाद मौलाना नोमानी ने हलीम कॉलेज में आयोजित कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित किया। जमीयत उलेमा के प्रदेश उपाध्यक्ष मौलाना अमीनुल हक अब्दुल्लाह कासमी और मुतवल्ली खुसरू ताज ने लोगों का स्वागत किया। संचालन मुफ्ती माज कासमी ने किया। मदरसे में मुफ्ती अब्दुर्रशीद कासमी, मुफ्ती एस के कासमी आदि मौजूद रहे।