20 जुलाई को रोहित की करतूतों का खुलासा किया
इनमें से 2,928 फोन का एक्सेस लेकर करीब 64.50 करोड़ की साइबर ठगी की गई। सूरत पुलिस ने रोहित की तलाश के लिए आगरा मंडल के कई जिलों में भी कई मर्तबा दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। आखिर में पुलिस को रोहित के कानपुर में होने की सूचना मिली जिस पर 11 जुलाई की शाम उसे गिरफ्तार किया गया। सूरत पुलिस ने 20 जुलाई को रोहित की करतूतों का खुलासा किया।
सूरत पुलिस ने अभी तक संपर्क नहीं किया
देखे जा रहे हैं सीसीटीवी के फुटेज मामले के खुलासे के बाद कानपुर पुलिस की नींद टूटी। तत्काल ही होटल से संपर्क किया गया। पुलिस पता लगा रही है कि दो दिन रहने के दौरान रोहित से मिलने कौन-कौन आया। इसके लिए सीसीटीवी के फुटेज भी देखे जा रहे हैं। साइबर क्राइम थाना प्रभारी सतीश चंद्र यादव ने बताया कि सूरत पुलिस ने अभी तक संपर्क नहीं किया है। लिंक मिलने पर कार्रवाई की गई होगी। कानपुर से भी जांच पड़ताल की जा रही है।
शातिर ने परेड का ही होटल क्यों चुना
पुलिस के सामने एक सवाल यह भी है कि आखिर रोहित ने शहर भर के होटलों में परेड चौराहे का ही होटल ठहरने के लिए क्यों चुना। एपीके फाइल बनाने में माहिर रोहित को छोटी सी ही उम्र में तकनीकी की अच्छी जानकारी थी। आशंका है कि साइबर ठगों से संपर्क के लिए उसे किसी टावर की वजह से परेड चौराहे की लोकेशन मुफीद लगी हो। फिलहाल पुलिस की सर्विलांस टीम यह भी पता कर रही है कि होटल में रहते हुए उसका मोबाइल किस टावर से काम कर रहा था।
साइबरों ठगों का राज्यों से रहा नेटवर्क
कानपुर में हाल ही में कई साइबर ठग पकड़े गए हैं। पकड़े गए इन साइबर ठगों का नेटवर्क देश के कई राज्यों तक फैला था। बताया जाता है कि रोहित भी उत्तर प्रदेश के अलावा झारखंड के जामताड़ा, बिहार, मध्य प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, आदि राज्यों के साइबर अपराधियों के लिए बैंकिंग एप की एपीके फाइल बनाता था।