76 फर्जी फर्में और 14 बैंकों के जरिए खेल
पुलिस की कड़ी घेराबंदी के बाद आखिरकार इस महाघोटाले के मुख्य सूत्रधार को दबोच लिया गया। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि इस सिंडिकेट ने महज तीन साल के भीतर 14 प्रतिष्ठित बैंकों में बोगस फर्मों के नाम से 76 फर्जी बैंक खाते खुलवा रखे थे। केवल आईसीआईसीआई और एचडीएफसी बैंक के खातों से ही 3000 करोड़ से ज्यादा का अवैध लेनदेन हुआ। गिरोह पर कई राज्यों गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु आदि में एनसीआरपी पोर्टल पर 86 गंभीर शिकायतें दर्ज पाई गई हैं।
हवाला, ऑनलाइन गेमिंग और दुबई से जुड़ा कनेक्शन
जांच में सामने आया कि ठगी की रकम को पहले बोगस फर्मों के खातों में घुमाया जाता था, फिर 16 ऑनलाइन गेमिंग खातों और हवाला के जरिए दुबई, तुर्की, उज्बेकिस्तान जैसे देशों में भेजा जाता था। मुख्य आरोपी शाहवेज वारिस के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी था, जिसे हैदराबाद एयरपोर्ट से ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर लाया गया था। पुलिस अब संबंधित 14 बैंक अधिकारियों को नोटिस जारी कर पूछताछ की तैयारी कर रही है।