रावतपुर थाना क्षेत्र के मसवानपुर इलाके में डी-फार्मा कोर्स में एडमिशन दिलाने के नाम पर एक महिला से पांच लाख रुपये की धोखाधड़ी कर फर्जी सर्टिफिकेट थमा दिया गया। पीड़िता ने तीन आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। शिवनगर मसवानपुर निवासी सरिता मिश्रा ने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि उनके घर में किराये पर रहने वाले सुकांत उर्फ कुन्ना ने खुद को ओडिशा में अपराध अनुसंधान विभाग में बताया।
उन्हीं ने उनके बेटे सचिन मिश्रा को डी-फार्मा कोर्स कराने का झांसा दिया। कहा कि कोर्स के बाद अस्पताल में तुरंत नौकरी मिल जाएगी और इसके लिए पांच लाख रुपये खर्च होंगे। इस पर सरिता ने करीब ढाई लाख रुपये दो किस्तों में नकद दे दिए। वह ऑनलाइन एडमिशन कराने का दावा करता रहा। समय बीतने के बाद जब सरिता ने डिग्री मांगी तो आरोपी सुकांत ने एक सर्टिफिकेट दे दिया। शंका होने पर सर्टिफिकेट साइबर कैफे में चेक कराया तो वह फर्जी निकला।
पीड़िता के अनुसार जब उन्होंने आरोपी से सवाल किया तो उसने अपने साथी गजेंद्र सिंह का हवाला देते हुए डिग्री को सही बताया। इसके बाद उसने फोन उठाना बंद कर दिया। आरोप है कि रुपये वापस करने के लिए कहा तो सुकांत ने गजेंद्र और शैलेंद्र कुमार के साथ मिलकर जान से मारने की धमकी दी। रावतपुर इंस्पेक्टर कमलेश राय ने बताया कि तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, कूटरचित दस्तावेज का इस्तेमाल करने की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।