दिल्ली रेलखंड पर मालगाड़ी के डिरेलमेंट का असर शनिवार को पांचवें दिन भी रेल संचालन दिखा। इससे कानपुर शताब्दी एक्सप्रेस समेत 15 प्रमुख ट्रेनें पांच घंटे से अधिक तक लेट रहीं जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्लेटफॉर्मों और पूछताछ काउंटरों पर दिनभर यात्रियों की भीड़ लगी रही।
नई दिल्ली से शुक्रवार रात करीब नौ बजे कानपुर पहुंचने वाली 12034 नई दिल्ली–कानपुर शताब्दी एक्सप्रेस निर्धारित समय से करीब साढ़े चार घंटे की देरी से रात 1:29 बजे कानपुर सेंट्रल पहुंची। इसके चलते शनिवार सुबह छह बजे कानपुर से नई दिल्ली के लिए रवाना होने वाली 12033 कानपुर शताब्दी एक्सप्रेस भी करीब दो घंटे की देरी से सुबह आठ बजे रवाना हुई। शताब्दी के अलावा दरभंगा स्पेशल, महाबोधि एक्सप्रेस, हावड़ा दुरंतो, बिहार संपर्क क्रांति, नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस, बाड़मेर एक्सप्रेस, एलटीटी एक्सप्रेस और मुरी एक्सप्रेस सहित कुल 10 अन्य ट्रेनें भी कई घंटे विलंब से चलीं।
सबसे अधिक पूछताछ शताब्दी एक्सप्रेस की स्थिति को लेकर की गई। विलंब से परेशान करीब 440 यात्रियों ने अपने टिकट रद्द करा दिए जबकि आगे की यात्रा के लिए कनेक्टिंग रिजर्वेशन वाले यात्रियों को उपलब्धता के आधार पर अन्य ट्रेनों से यात्रा की अनुमति दी गई।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार दिल्ली रेलखंड पर परिचालन पूरी तरह सामान्य होने तक ट्रेनों के समय में बदलाव और देरी की स्थिति बनी रह सकती है। डिप्टी सीटीएम आकांक्षु गोविल ने बताया कि डिरेलमेंट के कारण शताब्दी एक्सप्रेस का निर्धारित समय प्रभावित हो रहा है।
दिल्ली से ट्रेन आने के बाद उसकी सफाई और तकनीकी तैयारियों में लगभग पांच घंटे का समय लगता है। उन्होंने कहा कि रविवार को शताब्दी का नियमित अवकाश रहता है इसलिए सोमवार से कानपुर शताब्दी एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय पर संचालित होने की उम्मीद है।