पत्नी के रहते हुए दूसरी शादी के लिए किशोरी को भगा ले जाने और दुष्कर्म करने वाले को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट परवेज अहमद ने 12 साल कैद और 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने पीडि़ता को क्षतिपूर्ति के रूप में 30 हजार रुपये देने के लिए डीएम व डीएलएसए को पत्र भेजा है।
फतेहपुर निवासी महिला अपनी 17 वर्षीय किशोरी के साथ 11 जुलाई 2013 को श्यामनगर स्थित जेठ के घर बस से जा रही थी। रामादेवी में महिला मिठाई लेकर लौटी तो किशोरी लापता थी। 21 जुलाई को चकेरी थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एडीजीसी सुशील कुमार वर्मा व विशेष लोक अभियोजक धर्मेंद्र वर्मा ने बताया कि महिला के मकान में पहले धीरेंद्र यादव किराये पर रहता था। विवाद के चलते धीरेंद्र से मकान खाली करा लिया गया था।
इसके बाद वह विश्वबैंक बर्रा में रहने लगा। मकान खाली कराने की रंजिश में धीरेंद्र ने किशोरी का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया था। पीडि़ता की मां ने रिपोर्ट में कहा था कि धीरेंद्र की पत्नी ने उसे फोन कर अपहरण की सूचना दी और बीस लाख रुपये की मांग भी की थी लेकिन बाद में पत्नी का फोन भी बंद हो गया था। 17 अगस्त को पुलिस ने किशोरी को बरामद कर धीरेंद्र को जेल भेजा था। धीरेंद्र के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी गई थी। अभियोजन की ओर से सात गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने धीरेंद्र को दोषी मानकर सजा सुनाई।