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Kanpur: गले में फंसा 10 रुपये का सिक्का, ENT डॉक्टरों ने एक मिनट में निकाला, बोले- देरी होने से जान को था खतरा

Tue, 21 Jul 2026 01:35 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: पनकी गंगागंज निवासी पांच वर्षीय बच्चे के गले में खाने और सांस की नली के बीच 10 रुपये का सिक्का फंस गया था। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के निर्देश पर ईएनटी और एनेस्थीसिया विभाग के डॉक्टरों ने तत्परता दिखाते हुए महज एक मिनट में ऑपरेशन कर सिक्का सुरक्षित बाहर निकाल लिया और बच्चे की जान बचा ली।
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हैलट के डॉक्टरों ने गले में फंसा 10 रुपये का सिक्का महज एक मिनट में निकाला - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में पनकी गंगागंज निवासी पांच वर्षीय बच्चे के गले में फंसे 10 रुपये के सिक्के को हैलट इमरजेंसी में डॉक्टरों ने महज एक मिनट में निकालकर उसकी जान बचा ली। सिक्का बच्चे के गले में सांस की नली और खाने की नली के बीच फंसा था। समय पर उपचार न मिलने पर सिक्का सांस की नली में जाकर गंभीर स्थिति पैदा कर सकता था।

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बच्चे की मां ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला को फोन कर बच्चे को बचाने की गुहार लगाई। प्राचार्य ने तत्काल ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. हरेंद्र कुमार और एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. अपूर्व अग्रवाल से संपर्क किया। दोनों डॉक्टर तुरंत इमरजेंसी पहुंचे और आवश्यक प्रक्रिया के बाद महज एक मिनट में सिक्का निकाल दिया।

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बच्चे को समय रहते सुरक्षित बचा लिया

डॉ. संजय काला ने बताया कि ऑपरेशन छोटा था, लेकिन बच्चे की जान बचाने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण था। उन्होंने कहा कि अगर उपचार में देरी होती तो सिक्का सांस की नली में जा सकता था और बच्चे की जान को खतरा हो सकता था। डॉक्टरों की तत्परता से बच्चे को समय रहते सुरक्षित बचा लिया गया।
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10 का सिक्का अपने मुंह में डाल लिया था
मिली जानकारी के अनुसार, बच्चे का नाम निक्षय और उसके पिता का नाम कुलदीप वर्मा है। परिजनों ने बताया कि निक्षय कल शाम को अपने घर में खेल रहा था। खेल-खेल में उसने 10 का सिक्का अपने मुंह में डाल लिया था, जो उसके गले में जाकर फंस गया था। मोहल्ले के डॉक्टर को दिखाया। उन्होंने तत्काल हाइलाइट इमरजेंसी भेजा, जहां बच्चे को भर्ती कराने के बाद ऑपरेशन हुआ। 
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