प्रसाद देने के बहाने मंदिर में बुलाया
पीड़िता ने अदालत में दिए बयान में बताया कि वह अपने माता-पिता के साथ मंदिर के नीचे वाले कमरे में रहती थी, जबकि बाबा ऊपर वाले कमरे में रहता था। 13 दिसंबर 23 की दोपहर करीब 12 बजे बाबा बुद्धिगिरि ने प्रसाद देने के बहाने मंदिर में बुलाया और दुष्कर्म किया।
काट कर फेंक देने की धमकी दी
उसने मुंह बंद कर दिया था और हाथ पैर दबा रखे थे, इस कारण चिल्ला न सकी। बाबा ने यह बात किसी को बताने पर मार काट कर फेंक देने की धमकी दी थी, जिससे डर कर वहां से चुपचाप चली गई थी। शाम को यह बात मैंने अपने पिता को बताई। पिता ने घर पर पुलिस बुलाई और मुझे लेकर थाने गए थे।
आजीवन कारावास व दो लाख दो हजार रुपये का अर्थदंड
इसके बाद पुलिस ने बाबा को गिरफ्तार कर लिया था। अदालत में प्रस्तुत साक्ष्य व गवाहों के बयानों के आधार पर बाबा बुद्धिगिरि को दोषी माना। शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने दोषी बुद्धिगिरि बाबा को आजीवन कारावास व दो लाख दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।