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इत्र नगरी का ‘रसूख खाक’: नवाब सिंह और नीलू को 8-8 साल की सजा, सहयोगी पूजा को छह साल कैद, 10-10 लाख जुर्माना

Fri, 29 May 2026 03:26 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज

सार

Kannauj News: कन्नौज में पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवाब सिंह यादव, उसके भाई नीलू और सहयोगी पूजा तोमर को गैंगस्टर एक्ट में सजा हुई है। अदालत ने दोषियों को जेल भेजने के साथ-साथ 10-10 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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कन्नौज में नवाब सिंह, नीलू और सहयोगी पूजा सजा - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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इत्र की नगरी में कभी रसूख और खौफ का पर्याय रहे पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवाब सिंह यादव और उनके भाई वीरपाल सिंह उर्फ नीलू यादव के आपराधिक साम्राज्य का आखिरकार अंत हो गया है। शुक्रवार को विशेष न्यायालय (गैंगस्टर एक्ट) ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोनों भाइयों को आठ-आठ साल के कड़े कारावास की सजा सुनाई है।

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वहीं, इस जुर्म की दुनिया में उनका साथ देने वाली सहयोगी पूजा तोमर को भी कोर्ट ने छह साल की जेल की सजा मुकर्रर की है। अदालत का चाबुक यहीं नहीं रुका, जज ने तीनों गुनाहगारों पर 10-10 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना भी ठोंका है। यह पूरी कहानी किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं है।





एक पाप ने खोली कड़ियां, सामने आई ‘क्राइम कुंडली’

कुछ समय पहले जब नवाब सिंह यादव को एक किशोरी से दुष्कर्म के संगीन आरोप में दबोचा गया, तो खाकी ने उसकी पूरी सल्तनत को खंगालना शुरू किया। जब पुलिस ने नवाब और उसके भाई नीलू का बही-खाता खोला, तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए।

इतने मुकदमों ने किया हैरान
रसूखदार नवाब सिंह के नाम पर एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 32 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। वहीं, उसका भाई नीलू भी पीछे नहीं था, उसके खाते में 27 केस दर्ज मिले। इन दोनों का साया बनकर अपराध में मदद करने वाली पूजा तोमर के खिलाफ भी पांच मुकदमे दर्ज पाए गए।

तत्कालीन कोतवाल की चालाकी और आ गया फैसला
अपराध के इस बड़े मकड़जाल को देखते हुए तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक आलोक दुबे ने सूझबूझ दिखाई। उन्होंने इस तिकड़ी पर 'गैंगस्टर एक्ट' के तहत मुकदमा ठोंक दिया। पुलिस की मजबूत पैरवी, पुख्ता सबूतों और गवाहों की गवाही के आगे नवाब का रसूख ताश के पत्तों की तरह बिखर गया।

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साफ संदेश दिया- कानून के हाथ लंबे होते
आज आलम यह है कि कभी वीआईपी जिंदगी जीने वाला नवाब बांदा जेल में, नीलू कौशांबी जेल में और पूजा तोमर कन्नौज जिला जेल की सलाखों के पीछे अपनी किस्मत को रो रहे हैं। कोर्ट के इस कड़े फैसले ने अपराधियों को साफ संदेश दे दिया है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं और पाप का घड़ा एक दिन जरूर भरता है।

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