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खून से लथपथ पड़ा था राजकिशोर
देर रात गांव के पास पीपल के पेड़ के नीचे बने चबूतरे पर वह पड़ा मिला। उसकी चप्पलें भी वहीं उतरी हुई थीं। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, तो राजकिशोर खून से लथपथ पड़ा था । लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। उसके परिजनों मे चीख पुकार मच गई। पुलिस के पहुंचने से पहले ही उसकी घटनास्थल पर मौत हो चुकी थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जेब से मिला 315 बोर का कारतूस
पुलिस को राजकिशोर की जेब से 315 बोर का एक कारतूस मिला है। मौके की परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है। एसपी विनोद कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद कहा कि फोरेंसिक टीम की जांच के बाद ही घटना के संबंध में स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा।
हत्या के मामले में साढ़े सात साल जेल में रहा था
बताया गया कि राजकिशोर एक हत्या के मामले में करीब साढ़े सात वर्ष तक जेल में रहा था और करीब डेढ़ माह पहले ही जेल से बाहर आया था। उसके माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है, जबकि उसका एक भाई गुल्लू ट्रक चलाता था, जिसकी कैंसर से मौत हो चुकी है। राजकिशोर अपनी बहन के यहां रह रहा था। उसने गांव में अपना अलग मकान भी बनवा रखा था, लेकिन उसके खाने-पीने की व्यवस्था बहन ही करती थी।