बीमार बेटी के इलाज के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज आए दंपती को डॉक्टर व स्टाफ कर्मचारियों ने मारपीट कर की। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराया। प्राचार्य ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों को नोटिस देकर स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा।
क्षेत्र के फगुआ भट्ठा गांव निवासी विवेक दुबे पेट्रोल पंप पर काम करता है। सोमवार की देर शाम को घर पहुंचा, तो बेटी परी (9) की अचानक तबीयत बिगड़ गई। हालत बिगड़ता देख विवेक पत्नी नीरजा देवी के साथ बेटी को लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज तिर्वा की इमरजेंसी वार्ड में पहुंचा, जहां बेटी को बाल विभाग वार्ड में दिखाने को कहा गया। पीड़ित बाल रोग विभाग की इमरजेंसी में करीब एक घंटे चक्कर काटता रहा, पर वहां मौजूद डॉक्टर ने बच्ची का इलाज नहीं शुरू किया।
इलाज में देरी होता देख पीड़ित ने डॉक्टर से बेटी का इलाज करने की बात कही, तो डाॅक्टर आक्रोशित होकर अभद्र भाषा का उपयोग करते हुए प्राइवेट अस्पताल में दिखाने की बात कहने लगे। जब दंपती ने डॉक्टर की अभद्र व्यवहार का विरोध किया तो ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने मेडिकल स्टाफ के साथ मिलकर दंपती के साथ मारपीट करने लगे और घायल कर दिया। मारपीट के दौरान विवेक की आंख में चोट लग गई।
पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराया। वहीं, घटना के बाद देर रात दंपती ने एक प्राइवेट अस्पताल में बेटी को भर्ती कराकर इलाज करवाया, जहां बेटी परी की हालत में सुधार हो रहा है। पीड़ित ने बताया कि कार्रवाई को लेकर पुलिस से शिकायत की, तो सुबह आने की बात कही। प्राचार्य डॉ. सीपी पाल ने बताया कि मामले की जांचकर दोषी डाॅक्टरों व स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।