सत्ताधारी पार्टी के एमएलसी प्रत्याशी कल्लू यादव को चुनाव में पटकनी देने के लिए बसपा के जोनल कोआर्डिनेटर अशोक सिद्धार्थ ने कमान संभाल ली है। मंगलवार को नमक फैक्ट्री चौराहे के पास एक गेस्ट हाउस में हुई बैठक में तय किया गया कि बसपा प्रत्याशी अशोक कटियार 12 फरवरी को फतेहपुर जिला मुख्यालय में पर्चा दाखिल करेंगे।
प्रत्याशी को किस रणनीति से जीत दिलाई जाएगी, इस पर भी बैठक में मंथन किया गया। एक दिन पहले ही सपा के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने एमएलसी प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए सभी विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों की नकेल कसी थी।
कहा था कि जिसके क्षेत्र में एमएलसी की हार हुई, उसका पार्टी में रहने का कोई मतलब नहीं होगा। इसके ठीक एक दिन बाद ही बसपा भी प्रत्याशी को जिताने के लिए मैदान में उतर गई।
बैठक में चुनाव की रणनीति पर चर्चा के दौरान यह भी बात सामने रखी गई कि प्रत्याशी अशोक कटियार को पार्टी का सहयोग तो मिल ही रहा है, दूसरी पार्टियों में उनके रिश्ते का फायदा उठाया जाएगा। गौरतलब है कि अशोक कटियार सपा के पूर्व सांसद राकेश सचान के साढ़ू लगते हैं,
ऐसे में बसपा को लगता है कि राकेश का समर्थन किसी न किसी रूप में उसे मिलेगा। इसी तरह अशोक कटियार जब सपा में थे तो पूर्व एमएलसी चौधरी हरमोहन सिंह के परिवार से भी उनके रिश्ते अच्छे रहे हैं। बैठक में पार्टी के नवनिर्वाचित ब्लाक प्रमुखों के अलावा सभी पदाधिकारी मौजूद थे।
ऐसे तो बेकार जाएगी नेताजी की घुड़की
कानपुर। फतेहपुर-कानपुर स्थानीय प्राधिकारी विधान परिषद सदस्य चुनाव में नए जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य वोट नहीं डाल सकेंगे। जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुखों का शपथ ग्रहण न होने के कारण वोटर लिस्ट पुनरीक्षण के समय इनके नाम लिस्ट में शामिल नहीं हो सके।
पुराने सदस्यों के नाम ही वोटर लिस्ट में है। यही लोग वोट डालेंगे। ऐसे में मुलायम सिंह यादव की तरफ से एक दिन पहले पार्टी के विधायकों और पदाधिकारियों को दी गई घुड़की बेकार जाएगी। मुलायम सिंह ने कहा था कि जिसके क्षेत्र में एमएलसी प्रत्याशी की हार हुई उसका पार्टी में रहने का मतलब नहीं है।
फतेहपुर-कानपुर स्थानीय प्राधिकारी विधान परिषद सदस्य चुनाव की वोटर लिस्ट में 1338 मतदाताओं के नाम हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने बताया जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत सदस्य, नगर पालिका और कैंट के सभासद, सांसद, विधायक, एमएलसी वोट डालते हैं।
वोटर लिस्ट पुनरीक्षण के समय तक जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्यों का शपथ ग्रहण नहीं हुआ था। ऐसे में इनके नाम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो सके।
161 ग्राम पंचायतों में सदस्यों का कोरम पूरा नहीं था, उनके नाम भी वोटर लिस्ट में नहीं है। एडीएम सिटी ने बताया कि इस समय आचार संहिता लागू है। किसी तरह के शिलान्यास और नए विकास कार्यों की घोषणा नहीं होगी।
फतेहपुर में बिके सात पर्चे
फतेहपुर। कानपुर-फतेहपुर स्थानीय प्राधिकारी विधान परिषद सदस्य पद के लिए मंगलवार को सिर्फ दो दावेदार सामने आए। इनमें से एक पर्चा भाजपा व दूसरा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के रूप में खरीदा गया। अब तक दो दिन में एमएलसी बनने को कुल सात लोग सामने आए हैं। इनमें दो पति-पत्नी हैं।
कलेक्ट्रेट स्थित डीएम कोर्ट में नामांकन फार्म की बिक्री की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई है। यह 15 फरवरी तक चलनी है। पहले दिन बसपा से अशोक कटियार, सपा से दिलीप सिंह यादव, निर्दलीय प्रत्याशी के रूप मेें दिलीप सिंह की पत्नी मिथलेश यादव, सपा से निष्कासित पूर्व जिलाध्यक्ष रामशरण यादव व सपा से ही लाल सिंह तोमर के नाम से नामांकन फार्म खरीदे गए थे।
मंगलवार को जिला निर्वाचन अधिकारी व डीएम राजीव रौतेला की देखरेख में दोपहर 11 बजे से तीन बजे तक कलेक्ट्रेट कर्मी दावेदारों का इंतजार करते देखे गए। भाजपा से अनिल गुप्ता चार्ली व भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी की से विष्णुकांत मिश्रा ने पर्चा खरीदा।