फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ज्योति मिश्रा हत्याकांड: हत्या से पहले चार घंटे कहां थी ज्योति, गुत्थी उलझी, रेलवे ट्रैक पर मिला था अधजला शव

Tue, 02 Nov 2021 11:03 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

टेलीकॉलर ज्योति मिश्रा 25 अक्तूबर की सुबह दफ्तर गई थी। वहां से निकलने के बाद वह घर नहीं पहुंची थी। दूसरे दिन भाभा नगर रेलवे लाइन किनारे ज्योति का अधजला शव पड़ा मिला था। हत्यारा अभी तक पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
विज्ञापन
मृतका ज्योति मिश्रा - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ज्योति मिश्रा हत्याकांड में भले ही पुलिस आरोपियों को जेल भेज चुकी हो लेकिन गुत्थी सुलझा नहीं सकी है। वारदात की वजह, पुख्ता साक्ष्य और वारदात को किस तरह से अंजाम दिया गया आदि सवालों के जवाब पुलिस तलाश नहीं सकी है। इसलिए पुलिस अफसर अभी कुछ कहने को तैयार नहीं हैं। ज्योति उस शाम करीब सात बजे से गायब हुई थी और रात करीब 11 से एक बजे की बीच उसकी हत्या हुई। चार घंटे (शाम सात से रात 11 बजे) तक वह कहां रही जब इसका राज खुलेगा तो पूरे केस का राजफाश हो जाएगा। 
विज्ञापन


चकेरी के गिरजा नगर निवासी टेलीकॉलर ज्योति मिश्रा 25 अक्तूबर की सुबह दफ्तर गई थी। वहां से निकलने के बाद वह घर नहीं पहुंची थी। दूसरे दिन भाभा नगर रेलवे लाइन किनारे ज्योति का अधजला शव पड़ा मिला था। पुलिस ने मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी अमित व उसकी महिला दोस्त विमल को जेल भेजा था। मगर पुलिस अब तक वारदात की पूरी साजिश का खुलासा नहीं कर सकी है।

तफ्तीश में एक अहम तथ्य सामने आया है कि ज्योति शाम करीब सवा छह बजे दफ्तर से निकली थी। करीब सात बजे तक वह सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी। उसके बाद वह आगे कहीं ट्रेस नहीं हो सकी। उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक रात 11 से एक बजे के बीच ज्योति की हत्या की गई। शाम सात से रात 11 बजे तक ज्योति कहां रही? उसकी जानकारी पुलिस कर रही है। उम्मीद है कि पूरी वारदात का राजफाश हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

आखिर घटनास्थल कैसे पहुंची ज्योति 
पुलिस के सामने एक और अहम सवाल है। रेलवे क्रॉसिंग पार करने के बाद ज्योति का घर तकरीबन 250-300 मीटर की दूरी पर है। ज्योति ने ये क्रॉसिंग तो पार की लेकिन वह घर नहीं पहुंची। शव जहां मिला वह घर से तकरीबन 600-700 मीटर की दूरी है। अब पुलिस यह नहीं समझ पा रही है कि ज्योति आखिर घटनास्थल तक कैसे पहुंची। उसेे कैसे लाया गया या वह खुद पहुंची। अगर खुद गई तो क्यो ? ये सभी सवाल पुलिस तलाश नहीं सकी है।

आरोपी का मोबाइल अब तक बरामद नहीं 
पुलिस सूत्रों के मुताबिक विमल ज्योति को नापसंद थी। अमित से भी ज्योति का विवाद चल रहा था। पुलिस को जो चैट मिली है वह विमल के मोबाइल से मिली थी। यह चैट ज्योति व अमित के बीच की थी। जिसके स्क्रीन शॉट विमल को अमित ने भेजे थे। पुलिस अभी तक आरोपी अमित का मोबाइल बरामद नहीं कर सकी है। मोबाइल मिलेगा तो भी कुछ नए तथ्य सामने आ सकते हैं। न ही आरोपियों को रिमांड पर लिया गया है, ताकि उनसे पूछताछ हो सके।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें