ज्योति मिश्रा हत्याकांड में भले ही पुलिस आरोपियों को जेल भेज चुकी हो लेकिन गुत्थी सुलझा नहीं सकी है। वारदात की वजह, पुख्ता साक्ष्य और वारदात को किस तरह से अंजाम दिया गया आदि सवालों के जवाब पुलिस तलाश नहीं सकी है। इसलिए पुलिस अफसर अभी कुछ कहने को तैयार नहीं हैं। ज्योति उस शाम करीब सात बजे से गायब हुई थी और रात करीब 11 से एक बजे की बीच उसकी हत्या हुई। चार घंटे (शाम सात से रात 11 बजे) तक वह कहां रही जब इसका राज खुलेगा तो पूरे केस का राजफाश हो जाएगा।
चकेरी के गिरजा नगर निवासी टेलीकॉलर ज्योति मिश्रा 25 अक्तूबर की सुबह दफ्तर गई थी। वहां से निकलने के बाद वह घर नहीं पहुंची थी। दूसरे दिन भाभा नगर रेलवे लाइन किनारे ज्योति का अधजला शव पड़ा मिला था। पुलिस ने मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी अमित व उसकी महिला दोस्त विमल को जेल भेजा था। मगर पुलिस अब तक वारदात की पूरी साजिश का खुलासा नहीं कर सकी है।
तफ्तीश में एक अहम तथ्य सामने आया है कि ज्योति शाम करीब सवा छह बजे दफ्तर से निकली थी। करीब सात बजे तक वह सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी। उसके बाद वह आगे कहीं ट्रेस नहीं हो सकी। उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक रात 11 से एक बजे के बीच ज्योति की हत्या की गई। शाम सात से रात 11 बजे तक ज्योति कहां रही? उसकी जानकारी पुलिस कर रही है। उम्मीद है कि पूरी वारदात का राजफाश हो जाएगा।