देश के सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन के लिए चल रही ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) 2019 के प्रश्नपत्र में प्रतिभागियों को पसीना छूट गया। कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट में छात्रों से ऐसे सवाल पूछे गए कि सभी सकते में आ गए। मैथ्स में 30, केमिस्ट्री में 30 और फिजिक्स में 30 प्रश्न पूछे गए। प्रत्येक सही उत्तर पर एक नंबर मिलेगा जबकि गलत पर 0.25 निगेटिव मार्किंग है।
ज्यादातर छात्रों का कहना है कि फिजिक्स, मैथ्स और केमिस्ट्री को मिलाकर वह 60 से अधिक प्रश्नों को सॉल्व नहीं कर पाए। इसमें सबसे ज्यादा कठिन गणित के सवाल रहे। कोआर्डिनेट ज्योमेट्री और ट्रिग्नोमेट्री के सवाल कुछ ज्यादा ही गंभीर थे। फिजिक्स में कैलकुलेशन से जुड़े सवाल अधिक रहे। हालांकि इन दोनों की अपेक्षा सबसे सरल छात्रों के लिए केमिस्ट्री रही।
इसके सारे प्रश्न एनसीईआरटी बेस्ड पूछे गए। जेईई एक्सपर्ट मनोज शर्मा बताते हैं कि इस बार प्रैक्टिकल बेस्ड प्रश्न पूछे जा रहे हैं। इसके जरिए छात्रों की समझ और उनका ज्ञान परखा जा रहा है। जो छात्र रटकर टेस्ट देने जाते थे, उनके लिए क्वालीफाई कर पाना काफी मुश्किल होगा।
जेईई मेन के लिए शहर में चार केंद्र बनाए गए थे। हाथीपुर-1 में दोनों पालियों में कुल 800 छात्र पंजीकृत थे। इनमें से 730 ने परीक्षा दी, जबकि शेष ने छोड़ दी। हाथीपुर-2 में भी दोनों पालियों में कुल 800 छात्र पंजीकृत रहे जिसमें 748 उपस्थित रहे। पनकी-1 में 706 पंजीकृत रहे, जिसमें 674 उपस्थित रहे। पनकी-2 में कुल 800 पंजीकृत छात्रों में 755 ने परीक्षा दी।