नए केंद्रों की सख्ती से मॉनिटरिंग होगी
ये केंद्र अभी बंद हैं। पुराने केंद्रों पर आने वाले रोगियों के अनुसार उन्हें दवाएं नहीं मिलती हैं। न्यूरो, स्किन, सर्जरी और यहां तक कई बार पेट संबंधी बीमारियों की दवाएं भी यहां से नहीं मिलती। इसके लिए उन्हें बाहर का रुख करना पड़ता है। सीएमओ ने कहा कि नए केंद्रों की सख्ती से मॉनिटरिंग की जाएगी, जिससे रोगियों को केंद्र में मौजूद पूरी 450 तरह की दवाएं मिल सकें।