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Kanpur: 17 स्वास्थ्य केंद्रों पर खुलेंगे जनऔषधि केंद्र, मिलेंगी सस्ती दवाएं…CMO बोले- सख्ती से होगी मॉनिटरिंग

Tue, 04 Mar 2025 01:17 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: ड्रग इंस्पेक्टर ओमपाल सिंह ने बताया कि अभी इस संबंध में आवेदन नहीं आए हैं, आते ही लाइसेंस की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। तीन साल पहले हैलट, उर्सला और कुछ सीएचसी सहित सात स्वास्थ्य केंद्रों पर खोले गए जनऔषधि केंद्र का कॉन्ट्रैक्ट फरवरी 2025 में समाप्त हो गया है।
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जनऔषधि केंद्र - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर शहर के 17 स्वास्थ्य केंद्रों पर रोगियों को सस्ती दवाएं मिलेंगी। इसके लिए हैलट, उर्सला, केपीएम और सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित 17 केंद्रों पर जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे। इन केंद्रों के लिए लखनऊ से ही टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस महीने से ही केंद्रों के खुलने की शुरुआत होगी। यहां 50 से 90 फीसदी तक की छूट पर दवाएं मिलेंगी। इसमें शहर के अलावा बिल्हौर, शिवराजपुर, चौबेपुर और घाटमपुर सहित आसपास के रोगियों को राहत होगी।

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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरी दत्त नेमी ने बताया कि 120 वर्ग फीट की जगह जनऔषधि केंद्र खोलने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से उपलब्ध करा दी गई है। फर्नीचर, बिजली, नेट आदि की व्यवस्था केंद्र खोलने वालों को खुद करनी होगी। केंद्र संचालकों के साथ समझौता होते ही इसी महीने केंद्र खुलने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। यहां 450 तरह की दवाएं और सर्जिकल सामान भी मिलेंगे।
फरवरी 2025 में समाप्त हो गया है कॉन्ट्रैक्ट
सीएमओ ने बताया कि चयनित केंद्रों पर 10 लाख से ज्यादा रोगी इलाज के लिए आते हैं।  केंद्र खोलने को लेकर लाइसेंस ड्रग विभाग की ओर से जारी किया जाएगा। ड्रग इंस्पेक्टर ओमपाल सिंह ने बताया कि अभी इस संबंध में आवेदन नहीं आए हैं, आते ही लाइसेंस की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। तीन साल पहले हैलट, उर्सला और कुछ सीएचसी सहित सात स्वास्थ्य केंद्रों पर खोले गए जनऔषधि केंद्र का कॉन्ट्रैक्ट फरवरी 2025 में समाप्त हो गया है।

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नए केंद्रों की सख्ती से मॉनिटरिंग होगी
ये केंद्र अभी बंद हैं। पुराने केंद्रों पर आने वाले रोगियों के अनुसार उन्हें दवाएं नहीं मिलती हैं। न्यूरो, स्किन, सर्जरी और यहां तक कई बार पेट संबंधी बीमारियों की दवाएं भी यहां से नहीं मिलती। इसके लिए उन्हें बाहर का रुख करना पड़ता है। सीएमओ ने कहा कि नए केंद्रों की सख्ती से मॉनिटरिंग की जाएगी, जिससे रोगियों को केंद्र में मौजूद पूरी 450 तरह की दवाएं मिल सकें।
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