उरई में खसरा पीड़ित बच्चे मिलने के बाद जांच करने पहुंची टीम को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। टीम ने खसरा पीड़ित बच्चों के बारे में जानकारी मांगी लेकिन, माता-पिता आनाकानी करने लगे। टीम ने लोगों को समझाया कि यह संक्रामक बीमारी है। एक दूसरे को फैलती है। यदि किसी में बीमारी के लक्षण मिलते हैं तो इसकी जांच कराकर इलाज कराए। टीम ने 43 बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी।
जालौन जिले में उरई के मोहल्ला उमरारखेरा की मलिन बस्ती में पांच खसरा पीड़ित बच्चे मिलने के बाद जांच करने पहुंची स्वास्थ्य टीम को खासी मशक्कत करनी पड़ी। टीम को देखकर लोगों ने बच्चों को छिपा लिया। परिजनों को समझा कर जांच की गई। उमरारखेरा पीएचसी की चिकित्साधिकारी डॉ. अभिलाष की अगुवाई में टीम बस्ती में जांच करने पहुंची।
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टीम में शहरी स्वास्थ्य कोआर्डिनेटर संजीव चंदेरिया, डब्लूएचओ के मॉनीटर सौरभ मिश्रा व एलटी विनय द्विवेदी थे। टीम ने खसरा पीड़ित बच्चों के बारे में जानकारी मांगी लेकिन, माता-पिता आनाकानी करने लगे। टीम के समझाने पर शिफा (2) पुत्री सनी, जैसवन (3) पुत्र भंवर सिंह, आराधना (3) रंजेश, सना (1) पुत्री राजेश, श्रुति (8) पुत्री करण के ब्लड सैंपल लिए जा सके। टीम ने लोगों को समझाया कि यह संक्रामक बीमारी है। एक दूसरे को फैलती है। यदि किसी में बीमारी के लक्षण मिलते हैं तो इसकी जांच कराकर इलाज कराए। टीम ने 43 बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी।
उमरारखेरा बस्ती में करीब 400 घुमंतू लोग रहते हैं। बच्चों में खसरा के लक्षण मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम अलर्ट है। विभाग की टीम टीकाकरण के साथ जांच भी कर रही है। बस्ती में बच्चों की जांच करने में टीम को खासी मशक्कत हुई। मामले में हर हफ्ते टीम निगरानी करेगी।- डॉ. वीरेंद्र सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी सीएमओ कार्यालय