जालौन जिले के उरई में मल्टीप्लेक्स में काम करने वाले युवक ने पुलिस अधिकारियों को इंदौर का फर्जी ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर बनकर गुमराह किया। अपने विरोधियों को फंसाने के लिए झूठी शिकायत कर उनके घर पुलिस पहुंचाई। अधिकारियों को शक होने पर जब उन्होंने उसका नंबर ट्रेस कराया तो मामला फर्जी निकला।
पुलिस ने युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। इटावा जिले के गढ़िया पिपरौली गांव निवासी अंकित सिंह पिछले कई दिनों से एसपी रवि कुमार, एएसपी असीम चौधरी, माधौगढ़ कोतवाल विमलेश कुमार को फोन कर रहा था। वह खुद को इंदौर का ज्वाइंट कमिश्नर बता रहा था।
माधौगढ़ थाना प्रभारी ने बताया कि उसने छह नवंबर को फोन किया था। उसने गोपालपुरा निवासी एक युवक का फोटो भेजकर उसे गिरफ्तार करने के लिए कहा। बताया कि यह युवक ग्वालियर में नौकरी करता है। पुलिस ने जानकारी की कि तो इंदौर में इस नाम का कोई ज्वाइंट कमिश्नर नहीं मिला।
पुलिस ने उसका नंबर सर्विलांस पर लगवाया और उसकी आईडी की पड़ताल की तो वह इटावा निवासी युवक अंकित का निकला। पुलिस टीम ने गुरुवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। उसने बताया कि वह ग्वालियर स्थित मल्टीप्लेक्स में काम करता है। पुलिस के गिरफ्तार करने पर युवक ने हार्ट अटैक आने का बहाना बनाया। इस पर पुलिस ने उसे माधौगढ़ अस्पताल में इलाज कराया, उसके बाद मेडिकल कॉलेज में जांच कराई। वहां पर सभी चीजें सामान्य पाई गईं।