यूपीसीडा के उद्यमियों ने अपने कर्मचारियों, मजदूरों को सुरक्षित रखने के लिए इकाई में आइसोलेशन कक्ष बनाने का निर्णय लिया है। यहां दो से तीन ऑक्सीजन बेड, ऑक्सीमटर, थर्मल स्कैनिंग, सैनिटाइजर और कुछ प्राथमिक दवाइयां उपलब्ध होंगी।
उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) की औद्योगिक इकाइयों में आइसोलेशन कक्ष बनेंगे। यहां काम करने वाले कर्मचारियों को प्राथमिक इलाज दिया जाएगा। तीन से चार घंटे तक ऑक्सीजन देने की भी व्यवस्था होगी। यह सुविधा 100 से अधिक कर्मचारियों वाली 16 इकाइयों में शुरू होगी।
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यूपीसीडा के उद्यमियों ने अपने कर्मचारियों, मजदूरों को सुरक्षित रखने के लिए इकाई में आइसोलेशन कक्ष बनाने का निर्णय लिया है। यहां दो से तीन ऑक्सीजन बेड, ऑक्सीमटर, थर्मल स्कैनिंग, सैनिटाइजर और कुछ प्राथमिक दवाइयां उपलब्ध होंगी। कानपुर समेत 16 औद्योगिक क्षेत्र चिह्नित किए गए हैं।
यहां पर एक कक्ष में 5 से 6 बेड लगाए जा रहे हैं। अगर कोई कर्मचारी संदिग्ध मिलता है तो उसे आइसोलेट किया जाएगा। स्थिति गंभीर होने पर अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। बाद में 50 कर्मचारी वाली इकाइयों में भी आइसोलेशन कक्षा स्थापित किए जाएंगे। यूपीसीडी के सीईओ मयूर महेश्वरी ने बताया सभी बड़ी इकाइयों को मिलाकर करीब एक हजार बेड की व्यवस्था की गई है। इसके साथ कर्मचारियों को जांच के बाद ही प्रवेश के निर्देश दिए गए हैं।